मोरटा के रहने वाले मौलवी सरफराज पर तंत्र-मंत्र से बीमारी का इलाज करने के नाम पर लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का संगीन आरोप लगा है। नंदग्राम की निवासी एक दाई ने उसके खिलाफ मधुबन बापूधाम और उसके बेटे ने नंदग्राम थाने में इसका केस दर्ज कराया है। इस पर नंदग्राम पुलिस ने सरफराज को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह कई साल से धर्म परिवर्तन करा रहा था। पुलिस को इसमें उसके साथ और भी लोगों के होने की आशंका है।
दाई के बेटे ने पुलिस को बताया कि सरफराज ने दावा कर रखा था कि वह हर समस्या का समाधान तंत्र-मंत्र से कर सकता है। वह मोरटा के एक मकान में दरबार लगाता था। इसमें लोग समस्या लेकर पहुंचते थे। ज्यादातर लोग बीमारी की समस्या लेकर आते थे। वह बीमारी दूर करने की गारंटी लेने की बात कहता था और शर्त रखता था कि इसके लिए उन्हें मूर्ति पूजा छोड़नी होगी। साथ ही, कुरान की आयतें पढ़ने होंगी।
जो लोग आयत पढ़ने के लिए राजी हो जाते थे, उन्हें धर्म परिवर्तन के जाल में फंसाने की कोशिश करने लगता था। आयत पढ़वाने के बाद नमाज पढ़ने के लिए कहता था। इस बीच उन्हें गंडे-ताबीज देता रहता था। दाई ने पुलिस को बताया कि वह 2016 में मौलवी के संपर्क में आई थी। उसने उसे धर्म परिवर्तन के जाल में फंसाने की कोशिश की लेकिन वह उसकी चाल समझ गई। हालांकि, उसके तंत्र-मंत्र पर यकीन करके वह काफी रकम गंवा बैठी। उसने उसके साथ धोखाधड़ी भी की।
ठीक होने की बजाय बिगड़ गई तबीयत : नंदग्राम क्षेत्र की रहने वाली दाई ने बताया कि वह किसी परिचित के माध्यम से सरफराज के संपर्क में आई थीं। सरफराज ने उनका इलाज कराने के नाम पर धीरे-धीरे उनके घर से देवी-देवताओं की मूर्तियां हटवा दीं । उसने पहले आयत पढ़ने के लिए कहा। इसके बाद नमाज पढ़ने का दबाव बनाया। इलाज के लिए वह औषधियां देता रहा। औषधियां खाने से तबीयत ठीक होने के बजाय और बिगड़ गई। इसके बाद ही उसके खिलाफ केस दर्ज कराया।
एक साल लगा गिरफ्तारी में
दाई ने बताया कि उन्होंने 2019 से सरफराज के पास जाना छोड़ दिया लेकिन वह सब ठीक होने का झांसा देता रहा। उन्होंने नवंबर 2022 में मधुबन बापूधाम थाने में धोखाधड़ी और औषधि व चमत्कारिक उपचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया था। एक साल तक पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। परेशान होकर उन्होंने पुलिस आयुक्त से मिलकर शिकायत की। तब जाकर मौलवी की गिरफ्तारी हुई है।
लोगों को खिलाता बिरयानी और मांस
नंदग्राम के लोगों ने पुलिस को बताया कि सरफराज के पास जो लोग इलाज के लिए आते थे, उन्हें झांसे में लेने के बाद उन्हें बिरयानी और मांस खाने पर मजबूर करता था। वह कहता था कि इसके बिना इलाज नहीं होगा। गंडे-ताबीज देने के बदले वह लोगों से मोटी रकम लेता था। पुलिस ने जब सरफराज को उसके घर से गिरफ्तार किया तो वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। लोगों का कहना था कि वह कई परिवारों के धर्म परिवर्तन करा चुका है।कई परिवार बदनामी के डर घर छोड़कर दूसरी जगह जाकर रहने लगे।
गहनता से पूछताछ
सरफराज से गहनता से पूछताछ की जा रही है। उसके गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं, किसके कहने पर वह ऐसा कर रहा है, इस संबंध में भी जांच की जा रही है।
- रवि कुमार सिंह , एसीपी नंदग्राम