सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने और भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार गाजियाबाद में धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर बात करते हुए पूरी घटना का विवरण दिया और बताया कि किस तरह कुछ लोगों ने प्रदेश का माहौल खराब करने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल गाजियाबाद के वीडियो की जांच में पता चला कि वीडियो में अब्दुल समद सैफी नाम का बुजुर्ग जिन लोगों पर दाढ़ी काटने और धार्मिक नारे लगाने का दबाव बनाने का आरोप लगा रहा है वह उसका परिचित है।
अब्दुल समद तावीज बनाने का काम करता है। उसने आरोपियों को तावीज बेची थी। ताबीज का सकारात्मक असर न पड़ने के कारण आरोपियों ने समद के साथ मारपीट की थी। आरोपियों में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग थे। पुलिस ने इस मामले में परवेज गुर्जर, कल्लू और आदिल को सोमवार को गिरफ्तार भी कर लिया था।
इसका प्रेस नोट व वीडियो बाइट पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडिल से अपलोड भी किया गया। इसके बावजूद प्रदेश का माहौल खराब करने के लिए कुछ लोगों ने गलत और भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया। गाजियाबाद के थाना लोनी में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
एक साल में सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने पर 1107 मुकदमे
प्रशांत कुमार ने बताया कि बीते एक साल में सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वाले 1107 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसमें अफवाह और भ्रामक सूचना फैलाने पर 118 मुकदमे, संप्रदायिक सद्भाव प्रभावित करने वाली टिप्पणी व पोस्ट पर 336 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 623 अन्य मामले भी दर्ज किए गए हैं।