इंदिरापुरम की शिप्रा सृष्टि सोसायटी में शुक्रवार रात साढ़े दस बजे आठ वर्षीय एक बच्ची पर कुत्तों ने अचानक हमला कर उसे जख्मी कर दिया। छात्रा के शरीर पर कई जगह कुत्तों के दांत लगने से खून निकलने लगा।
घटना के दौरान बच्ची अपनी मम्मी और बड़ी बहन के पीछे-पीछे सोसायटी में टहल रही थी। बच्ची का शोर सुनकर गार्ड और अन्य लोग दौड़े। बच्ची को कुत्ते से बचाकर आनन-फानन में निजी अस्पताल ले जाया गया।
घटना के बाद से बच्ची काफी दहशत में है। उधर, आरडब्ल्यूए और पीड़ित परिजनों की तरफ से नगर निगम व इंदिरापुरम को लिखित शिकायत देने की तैयारी शुरू हो गई है।
एक प्राइवेट सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कंपनी के मैनेजर शरद सक्सेना शिप्रा सृष्टि सोसायटी में परिवार के साथ रहते हैं।
उन्होंने बताया कि रात करीब साढ़े दस बजे उनकी पत्नी बड़ी बेटी दिशा (12) और तन्वी (8) के साथ परिसर में टल रही थी। दिशा तो अपनी मम्मी के साथ चल रही थी, जबकि तन्वी दोनों के पीछे चल रही थी। टॉवर से कुछ दूरी पर ही अचानक कुत्तों ने तन्वी को घेरकर हमला कर दिया, जिसमें वह जमीन पर गिर गई।
उसका शोर सुनकर गार्ड और लोग उसे बचाने के लिए दौड़े। सभी ने कुत्तों को वहां से भगाकर तन्वी को बचाया। शरद के मुताबिक, लोगों की मदद से तन्वी को निजी अस्पताल ले जाकर वहां उसका इलाज कराया। घटना के बाद से वह काफी डरी हुई है।
उनका दावा है कि करीब छह कुत्तों ने तन्वी के कंधे, पैर, जांघ और छाती के पास दांत से गहरे निशान कर दिए हैं। वह मामले में नगर निगम और इंदिरापुरम पुलिस को लिखित शिकायत देंगे।
वहीं, सोसायटी के आरडब्ल्यूए सचिव अनुराग का कहना है कि कुत्तों के हमले के दौरान बच्ची को गार्ड और लोगों ने दौड़कर बचा लिया था। सोसायटी से कुत्तों को हटाने के लिए सोमवार को नगर निगम को शिकायत दी जाएगी।
पीएफए का दावा, सिर्फ एक कुत्ते ने किया हमला
पीएफए की पदाधिकारी सुरभि रावत का दावा है कि सोसायटी में बच्ची पर सिर्फ एक कुत्ते ने हमला किया है। जबकि बाकी कुत्ते उस पर भौंक रहे थे। सूचना मिलने पर कुत्ते की स्टेयरलाइजेशन के लिए गाड़ी को भेजा था, लेकिन वहां से कुत्ता भाग गया था। टीम को भेजकर कुत्ते को पकड़ लिया जाएगा।