अफसर ने बताया कि बदमाश बेटी को अगवा करना चाहते थे। बेटी विरोध न करे, इसके लिए बदमाशों ने उसे नशे के पांच इंजेक्शन लगाए। इसके बावजूद बेटी बेहोश ने हिम्मत नहीं हारी और बदमाशों से लोहा लेती रही। इस दौरान बदमाशों ने बेटी के साथ हाथापाई भी की। जिसमें उसके चेहरे और शरीर पर चोट भी आई है।
12 मिनट तक बदमाशों से जूझती रही बेटी
अफसर का कहना है कि उनकी बेटी बदमाशों को देखकर घबराई नहीं और उसने 12 मिनट तक बदमाशों का डटकर मुकाबला किया। बेटी के बुलंद हौसलों को देख बदमाश घबरा गए और उसे कार में छोड़कर फरार हो गए। बदहवास हालत में बेटी ने जैसे-तैसे उन्हें सूचना दी।
कार में लगे कैमरे में कैद हुई घटना
स्वास्थ्य विभाग के अफसर का कहना है कि उनकी कार में कैमरा लगा है। बदमाशों का दुस्साहस उसमें कैद हो गया। बदमाशों की आपसी बातचीत भी रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने शिकायत के दौरान यह फुटेज भी पुलिस को सौंपी है।
लोग हिम्मत दिखाते तो पकड़े जा सकते थे बदमाश
घटना उस सोसायटी के गेट पर हुई, जहां सुरक्षा में गार्ड तैनात रहते हैं। लोगों की काफी आवाजाही भी थी लेकिन किसी ने भी उनकी बेटी की मदद करने की कोशिश नहीं की। अफसर का कहना है कि अगर लोग और सोसायटी के सिक्योरिटी गार्ड हिम्मत दिखाते तो बदमाशों को पकड़ा जा सकता था। इंदिरापुरम पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर अपहरण की कोशिश और छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।