रैन बसेरा में काम निपटाते डीएम
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में संचालित रैन बसेरों की हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने मंगलवार रात व्यवस्थाओं का जायजा लिया। रात में बेसहारों के लिए लगाए गए बिस्तर पर बैठकर सरकारी काम भी निपटाया। डीएम सबसे पहले अर्थला स्थित रैन बसेरा पहुंचे, वहां आधे घंटे रुके और जानकारी ली।
सुबह 11 बजे एक समाजसेवी ने जिलाधिकारी से रैन बसेरों में खराब इंतजाम की शिकायत की थी। समाजसेवी ने आरोप लगाया था कि रैन बसेरे में 10 मिनट भी रुका नहीं जा सकता है। चाहे तो खुद जिलाधिकारी जाकर देख लें।
डीएम ने आश्वासन दिया था कि वह स्वयं रैन बसेरों का हाल देखेंगे। मंगलवार रात 11 बजे डीएम अपने आवास से रैन बसेरों का हाल और वहां की सुविधाएं देखने के लिए निकले। रैन बसेरों में जो खामियां दिखीं उनको दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
इसके बाद रेलवे लाइन के किनारे बने राजनगर रैन बसेरे में पहुंचे। यहां पर लगे एक बिस्तर पर ही वह बैठ गए। आसपास बैठे लोगों से उनकी परेशानी के बारे में पूछा। रैन बसेरे में की गई व्यवस्था के बारे में जानकारी की। डीएम के ओएसडी सुनील कुमार ने रैन बसेरे में सुविधाएं न होने की शिकायत करने वाले समाजसेवी को फोन कर बताया कि उनके आवास के पास ही रैन बसेरे में डीएम रात बिता रहे हैं।
वह मौके पर आकर देख सकते हैं। समाजसेवी ने 15 मिनट में आने की बात कही लेकिन वह वहां नहीं पहुंचे। फोन भी स्विच ऑफ कर लिया। रैन बसेरे में ही जिलाधिकारी ने कैंप कार्यालय से जुड़े कार्य भी निपटाए। ठंड में उन्होंने रैन बसेरे के ही कंबल और रजाई का इस्तेमाल किया।
रात में साढ़े 12 बजे वह राजनगर स्थित डूडा विभाग द्वारा बनाए गए रैन बसेरे का निरीक्षण किया। वहां कुछ लोग सो रहे थे। करीब तीन घंटे तक डीएम रैन बसेरे में रहे। उन्होंने ठंड से परेशान लोगों को जैकेट मंगाकर दिया। डीएम ने बताया कि रैन बसेरों में नगर निगम द्वारा बिस्तर, रजाई, गद्दे, तख्त, पानी आदि की व्यवस्था ठीक मिली।