अपनी मां को पहचानती हुई गीता
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गीता ने फोटो देखते ही अपनी मां को पहचान लिया। जिस महिला को गीता ने अपनी मां विद्या बताया, उसे रविवार की शाम पांच बजे ही गंभीर घायल हालत में मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल के लिए भेज दिया था। बावजूद इसके डीएम और एसएसपी ने अपने बयान में रविवार देर रात तक विद्या के मिलने की पुष्टि नहीं की।
विद्या को मलबे से निकाल लिए जाने के बावजूद अफसरों को यह नहीं पता कि किस व्यक्ति को रेस्क्यू किया गया है और वह कहां है। प्रशासन की टीम सोमवार सुबह अस्पताल में भर्ती गीता को लेकर आकाश नगर स्थित घटनास्थल पहुंची।
गीता से तस्दीक कराया गया कि हादसे के वक्त उसकी मां बिल्डिंग में किस जगह पर मौजूद थी। उस समय न तो गीता को ही पता था और न ही प्रशासन को कि जिस विद्या को तलाशा जा रहा है, वह बाहर निकल चुकी है।
गीता की मां विद्या को रविवार शाम पांच बजे मलबे से बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन इसके बाद भी एनडीआरएफ की टीम 26 घंटे बाद तक उसे मलबे में तलाशती रही। सोमवार को उसके न मिलने पर रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया।
कहां गया राहुल
गीता का भाई राजेश और राहुल भी घटना के वक्त बिल्डिंग में ही था। राजेश की मौत की पुष्टि प्रशासन ने कर दी है, लेकिन राहुल का पता नहीं चला। राहुल का रिकार्ड भी न तो अस्पताल में है और न ही वह घर पहुंचा। बावजूद इसके रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया है। राहुल के बारे में भी प्रशासन कोई जानकारी नहीं दे रहा है।