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गाजियाबाद बिल्डिंग हादसे में लापरवाही: कहां है मलबे से निकाली गई विद्या, न अस्पताल पहुंची, न घर

Tue, 24 Jul 2018 02:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
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घायल विद्या - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद सरकारी अफसरों की लापरवाही सिर्फ पांच मंजिला इमारत जमींदोज होने तक ही नहीं रही। रेस्क्यू ऑपरेशन में भी प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। 

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मलबे से निकाली गई गीता की जिस मां को एनडीआरएफ सोमवार शाम साढ़े छह बजे तक मलबे में खोजती रही, उसे रविवार शाम पांच बजे ही बाहर निकाल लिया गया था। 

गीता की मां विद्या मलबे से तो बाहर निकाल ली गई, लेकिन वह न तो अस्पताल पहुंची और न ही अपने घर। तो फिर एंबुलेंस से अस्पताल के लिए रवाना किए जाने के बावजूद घटनास्थल से अस्पताल के बीच कहां गायब हो गई विद्या।
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दरअसल, जमींदोज बिल्डिंग के मलबे से जब-जब किसी व्यक्ति को बाहर निकाला जाता था, ‘अमर उजाला’ की टीम ने उन्हें अपने कैमरों में कैद किया। सोमवार को जब शाम साढ़े छह बजे एनडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म करने की घोषणा की और विद्या नहीं मिली तो ‘अमर उजाला’ ने गीता के पास जाकर मलबे से निकाली गई दो फोटो की तस्दीक कराई।

अपनी मां को पहचानती हुई गीता - फोटो : अमर उजाला
गीता ने फोटो देखते ही अपनी मां को पहचान लिया। जिस महिला को गीता ने अपनी मां विद्या बताया, उसे रविवार की शाम पांच बजे ही गंभीर घायल हालत में मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल के लिए भेज दिया था। बावजूद इसके डीएम और एसएसपी ने अपने बयान में रविवार देर रात तक विद्या के मिलने की पुष्टि नहीं की।

विद्या को मलबे से निकाल लिए जाने के बावजूद अफसरों को यह नहीं पता कि किस व्यक्ति को रेस्क्यू किया गया है और वह कहां है। प्रशासन की टीम सोमवार सुबह अस्पताल में भर्ती गीता को लेकर आकाश नगर स्थित घटनास्थल पहुंची। 

गीता से तस्दीक कराया गया कि हादसे के वक्त उसकी मां बिल्डिंग में किस जगह पर मौजूद थी। उस समय न तो गीता को ही पता था और न ही प्रशासन को कि जिस विद्या को तलाशा जा रहा है, वह बाहर निकल चुकी है।
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26 घंटे तलाश करती रही एनडीआरएफ

गीता की मां विद्या को रविवार शाम पांच बजे मलबे से बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन इसके बाद भी एनडीआरएफ की टीम 26 घंटे बाद तक उसे मलबे में तलाशती रही। सोमवार को उसके न मिलने पर रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया।

कहां गया राहुल
गीता का भाई राजेश और राहुल भी घटना के वक्त बिल्डिंग में ही था। राजेश की मौत की पुष्टि प्रशासन ने कर दी है, लेकिन राहुल का पता नहीं चला। राहुल का रिकार्ड भी न तो अस्पताल में है और न ही वह घर पहुंचा। बावजूद इसके रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया है। राहुल के बारे में भी प्रशासन कोई जानकारी नहीं दे रहा है।
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