नंदग्राम थाना क्षेत्र की वीवीआईपी मंगलम सोसायटी में रहने वाले वेटनरी सर्जन डॉ. शिवम कार्तिकेय भारद्वाज का शव बुधवार दोपहर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के किनारे खड़ी उनकी ब्रेजा कार में मिला। परिजनों ने 29 सितंबर को उनकी गुमशुदगी नंदग्राम थाने में दर्ज कराई थी। करीब 24 घंटे की तलाश के बाद उनका शव कार के अंदर मिला।
पुलिस के अनुसार, मुरादनगर थाना क्षेत्र में दुहाई के नजदीक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर बुधवार दोपहर एक ब्रेजा कार काफी देर से खड़ी होने की सूचना मिली थी। आसपास के लोगों ने बताया कि कार काफी समय से एक ही जगह खड़ी है। पुलिस ने कार की जांच की तो अंदर एक शव मिला। मृतक की पहचान डॉ. शिवम कार्तिकेय भारद्वाज के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी।
एसीपी मसूरी सुनील कुमार ने बताया कि शव पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हाथ में कैनुला लगा था और एक सिरिंज भी मिली है। उनका कहना है कि मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी। परिजनों ने किसी पर हत्या या अपहरण की आशंका नहीं जताई है। घर से एक सुसाइड नोट भी मिला है। आशंका है कि चिकित्सक ने किसी दवा की अधिक मात्रा ले ली, जिससे उनकी मौत हुई।
नोट में लिखा- सॉरी श्रेयांश, मम्मी-पापा और प्राची
पिता गोपाल स्वरूप ने बताया कि डॉ. शिवम उनके इकलौते बेटे थे। वह दिल्ली के लाजपत नगर-चार, विनोबापुरी स्थित क्राउन वेट अस्पताल में वेटनरी सर्जन के पद पर तैनात थे। 29 सितंबर की सुबह करीब साढ़े 10 बजे रोजाना की तरह घर से निकलने से पहले वह अपने नौ माह के बेटे श्रेयांश के पास गए और उसे चूमा। इसके बाद पिता के पास पहुंचे, उनके पैर छुए, गले मिले और माथे पर चुंबन कर अलविदा कहा।
गोपाल स्वरूप के मुताबिक, तब उन्हें जरा भी आभास नहीं था कि बेटे को आखिरी बार देख रहे हैं। शिवम के घर से निकलने के बाद दोपहर में उन्हें एक टेबल पर उसका लिखा सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था, ‘सॉरी श्रेयांश, सॉरी मम्मी-पापा और प्राची, अलविदा।’ दो लाइन के इस नोट को देखकर उन्होंने बेटे को फोन किया, लेकिन मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद उन्होंने नंदग्राम थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
पत्नी हैं वेटनरी असिस्टेंट प्रोफेसर
गोपाल स्वरूप ने बताया कि उनकी दो संतानों में बड़ी बेटी तेजस्ता उर्फ अदिति शादीशुदा हैं। मूल रूप से काशीपुर (उत्तराखंड) के रहने वाले गोपाल स्वरूप पत्नी सुनीता शर्मा, बेटे और पुत्रवधू के साथ वीवीआईपी मंगलम सोसायटी में रहते हैं। उनकी पुत्रवधू डॉ. प्राची हरियाणा के रोहतक स्थित इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ वेटनरी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। परिवार के मुताबिक, शिवम के इस कदम की वजह स्पष्ट नहीं है।