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जिन्होंने केस किया, वही मुकरे, फिर भी कोर्ट ने किया दोषी करार, जानिए पूरा मामला

Thu, 21 Feb 2019 04:59 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
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court - फोटो : PTI
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एडीजे-4 की कोर्ट ने बुधवार को एक ऐसे मामले में चार आरोपी को दोषी ठहराया है, जिसमें पीड़िता के मां-बाप ही पक्ष द्रोही हो गए थे। कोर्ट ने खुद हत्या की धाराओं में मामले का संज्ञान लेते हुए पीड़िता के मरने से पहले दिए गए बयान के आधार पर अभियुक्त मां-बेटा समेत चार आरोपियों को हत्या और दहेज उत्पीड़न की धारा में दोषी करार दिया है। यहीं नहीं मृतका के चाचा पर केस चलाने का आदेश भी दिया है। बृहस्पतिवार को एडीजे-4 कुनाल वेपा की कोर्ट सजा सुनाएगी। 
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मामला भोजपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। कोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक 2012 में बुलंदशहर के नंगला बहादुर नगर निवासी अनवर ने अपनी बेटी शबाना की शादी भोजपुर के अमराला गांव में रहने वाले युवक से की थी। नौ अगस्त 2016 को अनवर ने भोजपुर थाना क्षेत्र में तहरीर देते हुए कहा था कि शबाना पर उसकी सास हजारा, देवर अफजल, चचेरा ससुर आशु और बाबू उर्फ बाबूद्दीन ने उसकी बेटी पर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया है।

उसे पहले पीएससी, फिर अन्य अस्पताल और बाद में मेरठ के सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान पुलिस कर्मियों ने शबाना के 161 के बयान दर्ज किए। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि दोनों चचेरे ससुर ने उसके हाथ पकडे़, देवर ने केरोसिन का तेल डाला और सास ने माचिस की तिल्ली जलाकर आग लगा दी। 21 अगस्त 2016 को शबाना ने नायब तहसीलदार के सामने दोबारा मजिस्ट्रेट बयान दर्ज कराए, जिसमें उसने दोबारा वही बात दोहराई।
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उपचार के दौरान शबाना की मौत हो गई थी। वहीं, अदालत में अभियोजन पक्ष के गवाह केस के वादी और मृतका के पिता अनवर, उसकी मां शम्मो और चाचा इकबाल कोर्ट में आकर पक्ष द्रोही हो गए। ऐसे में अदालत में पक्ष द्रोह हुए इकबाल पर केस चलाने के आदेश भी दिया है। वहीं, न्यायाधीश कुनाल वेपा की अदालत ने हत्या की धाराओं में संज्ञान लेकर चारों अभियुक्तों को दोषी करार दिया है।

हाईकोर्ट ने छह महीने में निस्तारण के दिया था आदेश
इस मामले के निस्तारण करने के लिए हाईकोर्ट ने छह महीने में दिन प्रतिदिन सुनवाई करने का आदेश दिया था, जिसके आधार पर ही अदालत में रोजाना केस की सुनवाई की। सुनवाई के बाद ही छह महीने के अंदर ही केस का निस्तारण कर दिया।

एक ही परिवार के हैं चारों अभियुक्त, दो अन्य 
केस में शबाना की चचेरी सास नफीसा और एक नाबालिग को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने एफआईआर में उसका नाम दर्ज किया था, लेकिन पुलिस ने जब मामले में चार्जशीट पेश की तो नफीसा का नाम शामिल नहीं था। उसे जांच में दोषी नहीं पाया। वहीं एक नाबालिग आरोपी का जुवेनाइल कोर्ट में केस चल रहा है। कोर्ट ने मृतका के चाचा इकबाल के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 344 के तहत केस चलाने का आदेश दिया है।
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