डॉ. सईद आलम, अंजू छाबड़ा, हिमांशु श्रीवास्तव, हरीश छाबड़ा और राघव नागपाल ने प्रभावी अभिनय किया
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। हिंदी रंगमंच के लोकप्रिय हास्य नाटक ‘गालिब इन न्यू दिल्ली’ का 653वां मंचन राजधानी में हुआ। पियरॉट्स ट्रूप की ओर से प्रस्तुत यह नाटक 1997 से लगातार मंचित हो रहा है और इसे देश का सबसे लंबे समय तक चलने वाला हिंदी कॉमेडी नाटक माना जाता है।
प्रख्यात रंगकर्मी डॉ. एम सईद आलम की लिखित और निर्देशित यह नाटक उन्नीसवीं सदी के महान शायर मिर्जा गालिब को इक्कीसवीं सदी के भारत में पुनर्जन्म लेकर जीते हुए दिखाता है। इसकी कहानी दिल्ली के बस अड्डे से शुरू होती है, जहां गालिब का पुनर्जन्म होता है। इसके बाद वे एक छात्र के साथ सर्वेंट क्वार्टर में रहने, पंजाबी मकान मालकिन से उलझने और अंततः पेज-3 सेलेब्रिटी बनने तक के सफर से गुजरते हैं।
समकालीन समाज, राजनीति, मीडिया और सांस्कृतिक विसंगतियों पर तीखे व्यंग्य से भरपूर यह प्रस्तुति दर्शकों को लगातार हंसने पर मजबूर करती है। नाटक में डॉ. सईद आलम स्वयं गालिब की भूमिका निभाते हैं। उनके साथ अंजू छाबड़ा, हिमांशु श्रीवास्तव, हरीश छाबड़ा और राघव नागपाल ने भी प्रभावी अभिनय किया। डॉ. सईद आलम अपने हास्य, ऐतिहासिक और जीवनीपरक नाटकों के लिए जाने जाते हैं। ‘गालिब इन न्यू दिल्ली’ उनके सबसे चर्चित और लोकप्रिय नाटकों में शुमार है।