प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित कमेटी की दिल्ली में डीजल, पेट्रोल या केरोसिन से चलने वाले जेनरेटर पर पाबंदी की घोषणा पर अमल शुरू हो गया है। दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी (डीपीसीसी) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। केरोसिन, पेट्रोल व डीजल जेनरेटर पर पाबंदी की वजह से शादियों के सीजन में बारातों का मजा किरकिरा हो जाएगा। बग्घी या घोड़ी पर सवार दूल्हा सज-धज कर चलेगा जरूर, लेकिन डीजल जनरेटर से चलने वाली सजावटी लाइटें नदारद होंगी।
सरकारी आदेश के मुताबिक, शादियों या लगन के सीजन में बारात ले जाने वालों को भी सीएनजी वाला जनरेटर लेना होगा। सीएनजी आधारित जनरेटर काफी महंगे हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (इप्का) ने दिवाली से दो दिन पहले 17 अक्तूबर की बैठक में दिल्ली में डीजल, पेट्रोल या केरोसीन से चलने वाले जेनरेटर पर पाबंदी लगाने की घोषणा की थी।