शहर की तेजी से बढ़ती आबादी को देखकर विकास प्राधिकरण ने नया गाजियाबाद बसाने की योजना पर काम शुरू किया है। यह रैपिड रेल काॅरिडोर से 10 मिनट की दूरी पर बसाया जाएगा। प्राधिकरण की योजना जमीन खरीदकर भूखंड काटने की है। ये भूखंड लोगों को बेचे जाएंगे। योजना के तहत सभी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नए गाजियाबाद में माॅल, काॅलेज, अस्पताल, आईटी पार्क और अस्पताल भी बनेंगे।
इसके लिए प्राधिकरण जमीन खरीदेगा। जमीन की 50 फीसदी रकम प्रदेश सरकार देगी और बाकी प्राधिकरण। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत इस पर काम किया जा रहा है। प्राधिकरण ने इसके लिए रैपिड रेल काॅरिडोर के आसपास जमीन चिन्हित करना शुरू कर दिया है।
इससे पहले ही काॅरिडोर के पास ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवेलपमेंट (टीओडी) जोन बनाकर माॅल, मल्टीप्लेक्स, रेस्तरां खोले जाने की योजना को मंजूरी दी जा चुकी है। इसे और विस्तार देते हुए नए गाजियाबाद की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके प्रस्ताव को मंजूरी के लिए शासन के पास भेजा जाएगा।
दरअसल, शहर के पास बिल्डरों ने नए शहर के नाम पर प्रोजेक्ट शुरू कर दिए। इनमें बड़ी संख्या में लोग रहने भी लगे लेकिन प्राधिकरण कोई बड़ी आवासीय योजना नहीं ला पा रहा है। इसकी वजह मधुबन बापूधाम योजना का पूरी तरह सफल न होना भी रही। दूसरा प्राधिकण के खजाना भी खाली चल रहा था।
जीडीए ने देरी से शुरू किया काम : नया शहर बनाने के लिए नगर विकास विभाग की ओर से 2023-24 में प्रस्ताव प्रदेश के छह विकास प्राधिकरणों से मांगा गया था। अलीगढ़, गोरखपुर ने समय से प्रस्ताव भेज दिया और बोर्ड बैठक में मुहर भी लग गई। पहली किस्त भी जारी हो गईं। गोरखपुर के लिए 2000 करोड़ और अलीगढ़ के 350 करोड़ का बजट पास हो चुका है। गाजियाबाद में अब प्रस्ताव पर काम शुरू हुआ है।
बोर्ड बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि शासन के निर्देश पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्रस्ताव को एजेंडे में शामिल कर लिया गया है। आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मंडलायुक्त के समक्ष पेश किया जाएगा। नए गाजियाबाद में साइबर सिटी और वाणिज्यिक केंद्र बनाए जाएंगे। आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट काटे जाएंगे। लोगों को ई-व्हीकल की भी सुविधा मिलेगी। उम्मीद है कि इस योजना से प्राधिकरण की आय में इजाफा होगा।
लगातार काटी जा रहीं अवैध काॅलोनियां
रैपिड रेड काॅरिडोर के आसपास बड़ी तेजी से अवैध काॅलोनियां काटी जा रही हैं। प्राधिकण ने पिछले छह महीने में ही 20 से ज्यादा के निर्माण को ध्वस्त करा दिया है। इसके बावजूद प्रॉपर्टी डीलर और काॅलोनाइजर बगैर नक्शा पास कराए खेतों में प्लाॅटिंग कर रहे हैं और जमीन के रेट बढ़ने का लालच देकर प्लाॅट बेच रहे हैं। लोग इनके झांसे में आकर प्लाॅट खरीद भी रहे हैं।