एंटी करप्शन मेरठ सेक्टर के अधिकारी ने जीडीए के सीनियर क्लर्क के खिलाफ भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज कराई है। क्लर्क के पास आय से अधिक 60 लाख से ज्यादा की संपत्ति पाई गई है।
इसके अलावा एक अन्य विकास प्राधिकरण के दो जेई और एक पुलिस अफसर के स्टेनो के खिलाफ भ्रष्टाचार की धाराओं में चार्जशीट करने की तैयारी है।
एंटी करप्शन के अधिकारी गंभीर सिंह चौहान के अनुसार शासन ने जीडीए के क्लर्क रजनीश कौशिक निवासी शास्त्रीनगर, गाजियाबाद के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की जांच सौंपी थी।
जांच में सामने आया कि क्लर्क ने सरकारी सेवा ज्वाइन करने के साथ ही प्रॉपर्टी का काम भी शुरू कर दिया। इसमें क्लर्क द्वारा पहली संपत्ति 1992 में खरीदी गई। जबकि नियमानुसार कोई सरकारी कर्मचारी सेवाकाल के दौरान कोई व्यापार नहीं कर सकता है।
जांच में क्लर्क के पास आय और व्यय के सापेक्ष करीब 60 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति होना सामने आया है। इसके बाद शनिवार को क्लर्क के खिलाफ थाना सिहानी गेट, गाजियाबाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज करा दिया गया है।
भ्रष्टाचार के आरोपों में तीन अन्य अफसरों के खिलाफ भी चार्जशीट देने की तैयारी है। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार इनमें पहले मेरठ और वर्तमान में बिजनौर में तैनात सिंचाई विभाग के जेई, सहारनपुर रेंज में तैनात एक पुलिस अफसर के स्टेनो और एक विकास प्राधिकरण में पहले जूनियर इंजीनियर और अब सहायक अभियंता के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच पूरी हो चुकी है।