भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने गुरुवार को कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली में वही कर रहे हैं जो पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने राशन कार्ड जारी करते समय वोट बैंक की राजनीति के लिए बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं का पक्ष लिया है।
पूर्वी दिल्ली से सांसद गंभीर ने शहर में समस्याओं से निपटने में आप सरकार की ‘गंभीरता’ पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि राजधानी में जलजमाव पर चर्चा करने वाली नगर विकास समिति की बैठक से लोकनिर्माण विभाग के अधिकारी अनुपस्थित थे।
गौतम गंभीर और दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष रामवीर बिधूड़ी ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने गरीबों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना शुरू की है। आम आदमी पार्टी की तरफ से आरोपों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
गरीबों के राशन कार्ड नहीं बने तो आंदोलन करेगी भाजपा
भाजपा ने कोरोना महामारी के दौर में गरीबों का राशन कार्ड तुरंत बनवाने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि 10 लाख गरीबों के राशन कार्ड बनवाकर उन्हें मुफ्त राशन की आपूर्ति की जाए। इस मांग को लेकर भाजपा सांसद गौतम गंभीर व विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों का हक मार रही है।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में गुरुवार को मीडिया से बातचीत में गंभीर ने कहा कि पिछले छह साल से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार ने एक भी गरीब का राशन कार्ड नहीं बनाया है जबकि 10 लाख लोगों ने नए राशन कार्डों के लिए आवेदन किया। गरीबों के राशन कार्ड तुरंत नहीं बनाए गए और मुफ्त राशन नहीं दिया गया तो 15 दिनों में भाजपा बड़ा आंदोलन करेगी।
वहीं, बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 7 मई को उन गरीबों को राशन देने के निर्देश दिए थे जिनके पास राशनकार्ड नहीं है। अदालत ने फिर 18 मई को भी दिल्ली सरकार को स्पष्ट रूप से हर हाल में सभी जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाने को कहा।
भाजपा नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम व ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत दिल्ली के 72 लाख गरीबों को प्रतिमाह 8 किलो गेहूं, 2 किलो चावल, एक किलो दाल मुफ्त उपलब्ध करा रही है। प्रतिमाह करीब 300 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। ‘मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना’ बेमानी है। योजना का नाम ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ है और यही रहेगा।