गौरव चंदेल हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है, घटना में शामिल एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आराेपी की पहचान बुलंदशहर के रायपुर में रहने वाले उमेश के रूप में हुई है। उसने स्वीकार कर लिया कि गौरव चंदेल की हत्या लूटपाट के इरादे से की गई थी। इसके साथ ही उसने घटना को अंजाम देने वाले अपने साथी का नाम आशु बताया है। उसने यह भी खुलासा किया कि आशु ने ही गौरव के सिर में गोली मारी थी। वारदात में इस्तेमाल की गई 32 बोर की पिस्टल और तीन कारतूस भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। आरोपी उमेश मिर्ची गैंग का सक्रिय सदस्य है। आइए जानते हैं गौरव चंदेल केस में कब-क्या हुआ-
6 जनवरीः रात में गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा स्थित घर लौटते वक्त गौरव चंदेल की हत्या कर उसकी कार, मोबाइल और लैपटॉप लूट लिया। गौरव का शव पृथला चौक और हिंडन पुल के बीच मिला। रात में परिजनों ने पुलिस को बताया लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर परिजन खुद ही तलाश में निकले तब मिला शव मिला था।
10 जनवरीः आईजी आलोक सिंह ने एसटीएफ को जांच के लिए लगाया।
14 जनवरीः हत्या के नौ दिन बाद हत्यारे गौरव चंदेल की कार को रात में मसूरी थानाक्षेत्र के आकाश नगर में खड़ी करके भाग गए।
17 जनवरीः गौरव का मोबाइल एसटीएफ ने एक राहगीर से बरामद किया। यह मोबाइल उसे गौड़ सिटी-तिगरी मार्ग पर स्विच ऑफ हालत में मिला था, जिसके चालू करते ही पुलिस ने राहगीर को ट्रेस कर लिया।