गाजियाबाद में जब गौरव की कार बरामद की गई, उस दौरान कार से नंबर प्लेट निकली हुई थी। कार पर गौड़ सिटी का स्टीकर लगा हुआ था। कार पर काफी धूल मिट्टी लगी थी। गाजियाबाद पुलिस ने जब मिट्टी हटाकर कार का स्टीकर साफ किया तब उस पर गौरव चंदेल नाम लिखा देखा।
इसके बाद पुलिस ने ग्रेटर नोएडा पुलिस से संपर्क किया। इस बात की भी आशंका है कि बदमाशों ने सादुल्लापुर व जलालपुर के पास अस्थायी ठिकाने पर ले जाकर कार की नंबर प्लेट निकाली, इसके बाद ही वह कार गाजियाबाद क्षेत्र में वारदात करने निकले होंगे।
गुर्गों को पकड़कर सरगना आशु तक पहुंचने की योजना
गौरव हत्याकांड का खुलासा न केवल यहां लागू हुए कमिश्नरी सिस्टम, बल्कि यूपी पुलिस के लिए भी चुनौती बन गया है। गौतमबुद्ध नगर ही नहीं गाजियाबाद जिले की पुलिस भी गौरव की कार उनके क्षेत्र में मिलने के कारण बदमाशों की तलाश में जुट गई है। पुलिस की कई विशेष टीमें बदमाशों की सुरागकशी में जुटी हैं। पुलिस को गौरव का मोबाइल और कार मिली है, लेकिन इसके अलावा बदमाशों के संबंध में कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
गौरव चंदेल की हत्या पहली वारदात नहीं, चार मूर्ति गोलचक्कर से गौड़ सिटी के सामने से गाजियाबाद जाने वाले मार्ग का प्रयोग पहले भी बदमाश करते रहे हैं। गाजियाबाद के बदमाश अक्सर इस रोड के रास्ते ग्रेनो वेस्ट में वारदात कर फरार हो जाते हैं। इसके बावजूद दो जिलों को जोड़ने वाले मार्ग की सुरक्षा राम भरोसे ही रही है।
तीन बार आशु ने दिया है ग्रेनो पुलिस को चकमा
1 . धौलाना में भाजपा नेता की हत्या आशु ने अपने गिरोह के साथ ग्रेनो वेस्ट से एक युवक की कार लूटकर की थी। इस दौरान आशु व उसका एक साथी एवीजे हाइट्स सोसायटी के पास मार्केट के सीसीटीवी में कैद हुआ था।
2. बिसरख कोतवाली पुलिस को लगभग तीन माह पहले आशुु के एक महिला (संभवत: उसकी पत्नी) के साथ कार में बैठकर आने की सूचना मिली थी, लेकिन आशु पुलिस पर फायरिंग कर भागने में कामयाब हो गया था।
3. नॉलेज पार्क में एक्सपो मार्ट के बाद पुलिस वर्दी में बदमाशों ने कार लूटी थी। पीड़ित को जब आशु का फोटो दिखा गया तो उसने पहचान लिया था। गौरव चंदेल की हत्या भी पुलिस वर्दी में किए जाने की आशंका जताई गई है।