दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज में बीते 6 फरवरी को आयोजित फेस्टिवल में बाहरी लोगों द्वारा छात्राओं के साथ की गई छेड़छाड़ मामले की हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई जिसमें अदालत ने केंद्र सरकार, सीबीआई और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। वकील एमएल शर्मा की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की सीबीआई जांच के निर्देश देने की मांग की गई है।
अदालत ने इस मामले में तीनों पक्षों से अपने जवाब दाखिल करने को कहा है और इस केस की सुनवाई 30 अप्रैल तक स्थगित कर दी है। बता दें कि न्यायमूर्ति जीएस सिस्तनी और सी हरि शंकर की पीठ गार्गी कॉलेज की छात्राओं के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना पर अभियोजन पक्ष सुनने के बाद ही तीनों पक्षों को नोटिस जारी किया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि बाहरी लोगों ने जबरन कॉलेज में घुसकर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें कीं। छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाया है कि कॉलजे की प्रधानाचार्य की ओर से छात्राओं के साथ हो रही छेड़छाड़ के बावजूद आरोपियों को पकड़ने की कोई कोशिश नहीं की गई।
याचिका में कहा गया है कि एक ट्रक में सवार होकर आए लोग कॉलेज के बाहर उतरे और फिर कॉलेज के गार्ड को धकेलते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंच गए। इस घटना के बाद छात्राओं ने कॉलेज में विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते पुलिस ने मामला दर्ज कर कई लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि साकेत कोर्ट ने 10 आरोपियों को निजी मुचलके पर जमानत प्रदान कर दी है।