राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने दिल्ली में नालों में कूड़ा फेंकने को गंभीरता से लेते हुए इस पर रोक लगा दी है। नियम का उल्लंघन करने वालों से पांच हजार रुपये जुर्माना वसूलने का निर्देश दिया गया है।
दिल्ली के ज्यादातर नाले कूड़े से जाम हैं। आम लोगों के साथ नगर निगम के कर्मचारी भी नालों में कूड़ा डालने से नहीं हिचकते। एनजीटी अध्यक्ष स्वतंत्र की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस पर फैसला सुनाते हुए नगर निगमों को सभी नालों की सफाई करने का निर्देश दिया है।
न्यायाधिकरण ने कहा कि सभी निगम और नागरिक संस्थाएं सुनिश्चित करें कि नालों के किनारे अवैध रूप से धुलाई का काम और डेयरी न चल रही हों। पशु वधशालाओं पर भी नजर रखी जाए। यह लोकनिर्माण विभाग की जिम्मेदारी है कि दिल्ली में कहीं भी नालों पर या उसके किनारे अतिक्रमण न हो।