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Delhi: रेल पटरियों पर नशे का धुआं, ट्रेनों से हो रही गांजा तस्करी; दो महीने में बरामद हुआ पौने दो करोड़ का नशा

Mon, 13 Oct 2025 03:43 AM IST
विजय पुंडीर शनि पाथौली, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यह तस्कर मुख्य रूप से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे गुवाहाटी व डिब्रूगढ़ से उच्च गुणवत्ता वाला गांजा लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करने की फिराक में थे। इन आरोपियों ने राजधानी एक्सप्रेस जैसी मुख्य ट्रेनों को तस्करी करने का माध्यम बना लिया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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दिल्ली में ट्रेनों के जरिये गांजा तस्करी का काला कारोबार एक गंभीर समस्या बन गया है। ये अंतरराज्यीय तस्करी सिंडिकेट राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों को तस्करी का जरिया बना रहे हैं। पिछले दो महीनों में रेलवे स्टेशन से आरपीएफ, ड्रग्स कंट्रोल विभाग व दिल्ली पुलिस ने करीब ढाई क्विंटल गांजा बरामद किया है। इसकी बाजार की कीमत लगभग पौने दो करोड़ रुपये से ज्यादा है। सुरक्षा एजेंसियों की लगातार कार्रवाई के बावजूद ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

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तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एनसीबी और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) के बीच संवेदनशील ट्रेनों, रूट्स और स्टेशनों (जैसे राजधानी एक्सप्रेस जैसी तेज गति वाली ट्रेनें) पर निगरानी बढ़ाने के लिए जानकारी भी साझा की जाएगी। रेलवे स्टेशन पर स्कैनर की संख्या बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।

यह तस्कर मुख्य रूप से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे गुवाहाटी व डिब्रूगढ़ से उच्च गुणवत्ता वाला गांजा लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करने की फिराक में थे। इन आरोपियों ने राजधानी एक्सप्रेस जैसी मुख्य ट्रेनों को तस्करी करने का माध्यम बना लिया है। पिछले दिनों करीब चार बार राजधानी एक्सप्रेस से ही गांजे की बड़ी खेप बरामद की गई है। ऐसे मामलों में कमी लाने के लिए ट्रेनों और स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डों के माध्यम से एंटी-ड्रग मैसेज और मानस हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे।
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42.50 लाख का गांजा मिला मास्टरमाइंड का सुराग नहीं लगा
29 सितंबर को आरपीएफ ने डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में बर्थ के नीचे छिपाए गए दो ट्रॉली बैग और चार बैकपैक से 85 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। इसकी अनुमानित कीमत 42.50 लाख रुपये है। नशे की खेप को दिल्ली तक पहुंचाने वाले मास्टरमाइंड का कोई सुराग नहीं लगा है। एक अधिकारी ने बताया कि तस्कर गिरफ्तारी से बचने के लिए किसी दूसरे की बर्थ के नीचे गांजे से भरे बैग रख देते हैं। फिर अपनी बर्थ पर चले जाते हैं।

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पूरे दिल्ली-एनसीआर में पूर्वोत्तर के ड्रग माफिया का फैला नेटवर्क
10 सितंबर को आरपीएफ और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर तीन तस्करों को दबोचा। उनके पास से 56 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी बाजार में कीमत करीब 24 लाख रुपये आंकी गई।

यह गांजा गुवाहाटी से डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के जरिये लाया गया था। अब जांच में सामने आया है कि ये तस्कर पूर्वोत्तर के एक कुख्यात ड्रग माफिया के लिए काम करते थे, जिसका नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर में युवाओं को निशाना बनाता है।

राजधानी एक्सप्रेस...
अगस्त में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की कार्रवाई ने खुलासा किया कि राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों का इस्तेमाल हाइड्रोपोनिक मारिजुआना (गांजा) की तस्करी के लिए किया जा रहा था। डीआरआई ने बंगलूरू-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस से करीब 72 करोड़ रुपये की 72 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना (जिसे हाइड्रोपोनिक वीड या गांजा भी कहा जाता है) जब्त की थी। तस्कर कम स्टॉपेज और तेज गति की वजह से राजधानी एक्सप्रेस को तस्करी का जरिया बना रहे हैं। यात्रियों की भीड़ भी तस्करों को छिपने में मदद करती है।

दो माह में सामने आए गांजा तस्करी के अन्य मामले
12 अगस्त को एक महिला को 12 किलोग्राम गांजे की तस्करी करते हुए ट्रेन से पकड़ा
12 सितंबर को आरपीएफ ने नई दिल्ली स्टेशन पर 48 किलोग्राम गांजा (मूल्य 24 लाख रुपये) के साथ एक तस्कर को पकड़ा।
27 सितंबर को असम के करीमगंज में न्यू दिल्ली जाने वाली ट्रेन से 40 किलोग्राम गांजा जब्त हुआ।
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