पूरे दिल्ली-एनसीआर में पूर्वोत्तर के ड्रग माफिया का फैला नेटवर्क
10 सितंबर को आरपीएफ और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर तीन तस्करों को दबोचा। उनके पास से 56 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी बाजार में कीमत करीब 24 लाख रुपये आंकी गई।
यह गांजा गुवाहाटी से डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के जरिये लाया गया था। अब जांच में सामने आया है कि ये तस्कर पूर्वोत्तर के एक कुख्यात ड्रग माफिया के लिए काम करते थे, जिसका नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर में युवाओं को निशाना बनाता है।
राजधानी एक्सप्रेस...
अगस्त में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की कार्रवाई ने खुलासा किया कि राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों का इस्तेमाल हाइड्रोपोनिक मारिजुआना (गांजा) की तस्करी के लिए किया जा रहा था। डीआरआई ने बंगलूरू-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस से करीब 72 करोड़ रुपये की 72 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना (जिसे हाइड्रोपोनिक वीड या गांजा भी कहा जाता है) जब्त की थी। तस्कर कम स्टॉपेज और तेज गति की वजह से राजधानी एक्सप्रेस को तस्करी का जरिया बना रहे हैं। यात्रियों की भीड़ भी तस्करों को छिपने में मदद करती है।
दो माह में सामने आए गांजा तस्करी के अन्य मामले
12 अगस्त को एक महिला को 12 किलोग्राम गांजे की तस्करी करते हुए ट्रेन से पकड़ा
12 सितंबर को आरपीएफ ने नई दिल्ली स्टेशन पर 48 किलोग्राम गांजा (मूल्य 24 लाख रुपये) के साथ एक तस्कर को पकड़ा।
27 सितंबर को असम के करीमगंज में न्यू दिल्ली जाने वाली ट्रेन से 40 किलोग्राम गांजा जब्त हुआ।