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रोहिणी कोर्ट के बाहर खुलेआम 'गुंडाराज'

Fri, 31 Jan 2014 06:20 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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रोहिणी कोर्ट के गेट संख्या पांच के पास बृहस्पतिवार सुबह बदमाशों के बीच गैंगवार में गोली चला दी। कोर्ट में हत्या के प्रयास मामले की सुनवाई में जा रहे एक आरोपी जीतेंद्र उर्फ गोगी (23) पर एक युवक ने गोली चला दी।
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हालांकि इस दौरान पीड़ित के साथ आए उसके एक सहयोगी ने हमलावर के हाथ को पकड़कर ऊपर उठा दिया, जिसकी वजह से गोली हवा में चली। अफरातफरी मचने के बाद आरोपी ने वहां से भागने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने अन्य लोगों की मदद से आरोपी को दबोच लिया।

वहां मौजूद लोगों ने आरोपी की जमकर पिटाई कर दी। उसके पास से एक देसी कट्टा तीन कारतूस और एक खोखा मिला है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

अलीपुर निवासी गोगी को 2010 में अलीपुर थाना पुलिस ने हत्या का प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया था। जीतेंद्र इन दिनों जमानत पर है। इस मामले की सुनवाई कोर्ट संख्या 205 में चल रही है। सुनवाई में शामिल होने के लिए जीतेंद्र बृहस्पतिवार सुबह कोर्ट आ रहा था। उसके साथ सहयोगी मोनू के अलावा दो अन्य लोग थे।
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सुबह करीब साढ़े दस बजे जीतेंद्र सभी सहयोगी के साथ गेट संख्या पांच से अंदर जा रहे थे। इसी दौरान ताजपुर निवासी अमित जीतेंद्र के पास पहुंचा और उस पर कट्टा तान दिया। अमित गोली चला पाता इससे पूर्व ही मोनू ने अमित का हाथ पकड़कर ऊपर उठा दिया। जिसकी वजह से हवा में गोली चल गई। गोली चलते ही वहां अफरा-तफरी मच गई।

घटना को अंजाम देने के बाद अमित वहां से भागने लगा। लेकिन गेट पर मौजूद सिपाही सुशील कुमार और अन्य लोगों ने उसका पीछा कर कुछ दूरी पर उसे दबोच लिया। उसके बाद वहां मौजूद लोगों ने आरोपी की जमकर पिटाई कर दी। मौके पर पहुंची प्रशांत विहार पुलिस ने आरोपी अमित के खिलाफ हत्या का प्रयास और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

दीपक भारद्वाज के हत्यारे सुनील के कहने पर चलाई गोली
पीड़ित जीतेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि अमित ने उसे अरबपति बसपा नेता दीपक भारद्वाज के हत्यारे सुनील के कहने पर हत्या करने के लिए आया था। शिकायत में उसने बताया कि सुनील के साथ उसका विवाद चल रहा है। सुनील फिलहाल दीपक भारद्वाज हत्या के मामले में न्यायिक हिरासत में है।

पहले भी हो चुकी है कोर्ट परिसर में हत्या
एक साल पहले कोर्ट परिसर में घुसकर एक हत्यारोपी की हत्या किए जाने के बाद से यहां की सुरक्षा को चाक चौबंद किया गया था। लेकिन एक बार गोलीबारी ने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बृहस्पतिवार को कोर्ट के बाहर गोलीबारी हुई, बावजूद आरोपी को दबोच लिया गया।

गत वर्ष 20 फरवरी को पेशी के दौरान नवीन नाम के बदमाश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिसर के भीतर हुई गोलीबारी में नवीन को पेश करने के लिए जा रहा एक सिपाही अनुराग भी जख्मी हो गया था। हालांकि गोली चलते ही पुलिस हरकत में आकर आरोपी मुकेश को दबोच लिया था। उसने हत्या का बदला लेने के लिए नवीन पर गोली चलाई थी।
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