गैंगस्टर संजीव जीवा की हत्या के बाद उसकी पत्नी पायल की ओर से दायर की याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। पायल ने पति के अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने की कोर्ट से इजाजत मांगी है।
गैंगस्टर संजीव जीवा की पत्नी पायल माहेश्वरी पति के मर्डर के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पायल ने पति के अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने की इजाजत मांगी है। साथ ही पायल माहेश्वरी ने गिरफ्तारी से संरक्षण के लिए अंतरिम राहत की मांग की है। इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होगी।
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राजधानी लखनऊ स्थित एससीएसटी कोर्ट रूम में बुधवार को कुख्यात संजीव जीवा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संजीव जीवा की हत्या के बाद उसकी पत्नी पायल की ओर से दायर की याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान यूपी सरकार की ओर से पेश वकील गरिमा प्रसाद ने कहा आज गैंगस्टर जीवा का अंतिम संस्कार नहीं होगा।
यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि मानवता के आधार पर पायल को उसके पति संजीव जीवा के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत दी जा सकती है। हालांकि यूपी सरकार ने कोर्ट में कहा कि जीवा की पत्नी को दूसरी कोई राहत न दी जानी चहिए।
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उधर, सुप्रीम कोर्ट ने जीवा की पत्नी को मामले में अतिरिक्त हलफनामा गुरुवार को ही दाखिल करने को कहा है। गौरतलब है कि जीवा की पत्नी पायल ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने को लेकर भी याचिका दायर की थी। आज ही सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने पायल से अपनी याचिका की कॉपी यूपी सरकार के वकील को देने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में जीवा की पत्नी ने कहा है कि उसके पति की तरह उसकी भी हत्या की जा सकती है, इसलिए उसे गिरफ्तार ना किया जाए।
आपको बता दें कि राजधानी लखनऊ स्थित एससीएसटी कोर्ट रूम में बुधवार दोपहर बाद मुख्तार अंसारी के बेहद करीबी कुख्यात अपराधी संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा (50) की हत्या कर दी गई थी। वकील के लिबास में आए हमलावर ने कोर्ट रूम में ही रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ छह राउंड फायरिंग की।
इस दौरान दो पुलिसकर्मियों, एक डेढ़ साल की बच्ची व उसकी मां को भी गोली लगी। जीवा पर हमलावर ने पीछे से फायरिंग की। वारदात के बाद वकीलों ने दौड़कर हमलावर को दबोच लिया और पीटकर पुलिस को सौंप दिया। घायलों को ट्रामा में भर्ती कराया गया है।
वारदात के बाद आक्रोशित वकीलों ने प्रदर्शन कर पथराव कर दिया। जिसमें एसीपी चौक का सिर फट गया। कई वाहन भी छतिग्रस्त हो गए। आलाधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तब हालात पर काबू पा सके।
भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में आजीवन कारवास की सजा पाने वाला मुजफ्फरनगर के शाहपुर आदमपुर निवासी संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा पिछले बीस साल से जेल में बंद था। उस पर दो दर्जन केस दर्ज हैं। वह हत्या व एससीएसटी के एक केस में बुधवार दोपहर पुलिस अभिरक्षा में पेशी पर लाया गया था।
दोपहर बाद करीब 3:50 बजे उसके केस की बारी आई। जैसे ही वह उठकर चला वैसे ही अंदर बैठे हमलावर ने उस पर गोलियां दागनी शुरू दीं। कोर्ट रूम से लेकर पूरे परिसर में भगदड़ मच गया। संजीव वहीं पर लहूलुहान होकर औंधे मुंह गिर गया। हमलावर ने भागने का प्रयास किया, लेकिन वहां मौजूद वकीलों ने उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में उसने बताया कि वह जौनपुर के केराकत का रहने वाला है। उसका नाम विजय यादव उर्फ आनंद है। पुलिस जीवा को अस्पताल लेकर गई। जहां उसे मृत घोषित कर दिया। संजीव पर पूर्व भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का भी आरोप था लेकिन बाद में वह कोर्ट से बरी हो गया था।