विशेष पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी ने बताया कि रोहित गोदारा ने पहले कारोबारी को वॉइस मैसेज भेजा था। इस मैसेज में उसने कहा था कि पहले जितनी रकम मांगी गई है, उतनी दे दें, वरना अंजाम अच्छा नहीं होगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रोहित गोदारा ने कुछ समय पहले कारोबारी से रंगदारी मांगी थी, लेकिन कारोबारी ने रकम नहीं दी थी। अधिकारियों ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई ने करीब छह वर्ष पहले भी कारोबारी से रंगदारी मांगी थी।
छह से अधिक राउंड चलाई थी गोलियां
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच फिलहाल उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस कर रही है। जांच में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और अपराध शाखा को भी लगाया गया है। हालांकि, बृहस्पतिवार शाम तक रोहित गोदारा के दोनों शूटरों का पता नहीं चल पाया था। बुधवार तड़के पीतमपुरा में कारोबारी साहिल जैन उर्फ गूगल के घर पर बाइक सवार दो नकाबपोश हमलावरों ने छह से अधिक राउंड फायरिंग की थी। पांच गोलियां दुबई में कारोबार करने वाले गूगल की कार में लगी थीं, जबकि एक-दो गोलियां पड़ोसी के मकान में लगी थीं। दोनों हमलावर सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए थे।
कभी एक ही गिरोह में थे लॉरेंस और रोहित गोदारा
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा पहले एक ही गिरोह में थे। करीब दो-तीन वर्ष पहले लॉरेंस बिश्नोई गिरोह में दरार पड़ गई थी। इसके बाद कनाडा में बैठा गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा समेत कई गैंगस्टर लॉरेंस के गिरोह से अलग हो गए। अब लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा अलग-अलग गिरोह चला रहे हैं।
इस वजह से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह में पड़ी दरार
खुफिया विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2024 में लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका में फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद गिरोह में मतभेद शुरू हुए थे। लॉरेंस बिश्नोई ने रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ पर अनमोल की कानूनी मदद नहीं करने और जमानत बॉन्ड दाखिल नहीं करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ ने लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई से अलग होने की घोषणा कर दी। अलग होने के बाद दोनों गुटों के बीच दुश्मनी बढ़ गई और गैंगवार की घटनाएं सामने आने लगीं। दोनों गुटों के बीच सोशल मीडिया पर बयानबाजी और धमकियों के अलावा भारत और विदेशों में गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई हैं।
उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। मामले में पीड़ित के बयान समेत जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लेगी। पुलिस दोनों गिरोहों की भूमिका को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। -आकांक्षा यादव, पुलिस उपायुक्त, उत्तर-पश्चिमी जिला, दिल्ली पुलिस