मैक्सिको के कानकून बंदरगाह से अमेरिका की एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (एफबीआई) व इंटरपोल की मदद से दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए देश के टॉप-10 गैंगस्टर में शुमार दीपक पहल उर्फ पहलवान उर्फ बॉक्सर अमेरिका भागने की फिराक में था।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अगर वह अमेरिका पहुंच जाता तो उसे फिर लाना मुश्किल होता। दीपक एजेंटों (मानव तस्करी करने वाले) के जरिए पांच देशों से होकर मैक्सिको पहुंचा था। बताया जा रहा है कि बॉक्सर ने एजेंटों को मैक्सिको पहुंचाने के लिए करीब 40 लाख रुपये दिए थे। बॉक्सर को मैक्सिको से भारत लाया जा रहा है। मंगलवार शाम तक उसे तुर्किए लाया जा चुका था।
गृहमंत्री ने अपराधी-आतंकी गठजोड़ और संगठनों को खत्म करने के दिए थे आदेश
विशेष पुलिस आयुक्त धालीवाल ने बताया कि देश के गृहमंत्री अमित शाह ने अगस्त, 2022 में हर तरह के अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय अपराधी-आतंकी गठजोड़ और संगठनों को जड़ से खत्म करने के आदेश दिए थे। इसके तहत उन्होंने देश व विदेश में छिपे बदमाशों को पकड़कर भारत लाकर सजा दिलाने के आदेश दिए। गृहमंत्री के आदेश के बाद स्पेशल सेल व अपराध शाखा इस अभियान में जुट गई थीं।
बॉक्सर ने यूपी से फर्जी पासपोर्ट बनवा कर कोलकाता से फ्लाइट पकड़ी थी मंगलवार शाम को प्रेसवार्ता बुलाई। इसमें स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने बताया कि बॉक्सर ने बरेली, यूपी से फर्जी पासपोर्ट बनाकर कोलकाता से फ्लाइट पकड़ी थी।
इन देशों से होकर मैक्सिको पहुंचा था
वह कोलकाता से दुबई, फिर अलमाती, इस्तांबुल-तुर्किए, पोर्ट ऑफ स्पेन-वेस्टइंडीज, कोस्टिका होते हुए मैक्सिको पहुंचा। पकड़े जाने के समय वह कानकून बंदरगाह पर था।
मैक्सिको व तुर्किए ने काफी सहायता की
धालीवाल ने बताया कि गैंगस्टर को पकड़ने में गृह मंत्रालय के साथ भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की एफबीआई, मैक्सिको की पुलिस व तुर्किए देश ने काफी सहायता की। पहली बार किसी गैंगस्टर को पकड़ने में विदेशी एजेंसियों व देशों के साथ बेहतर तालमेल सामने आया है।
पुलिस जांच कर रही है कि बॉक्सर को मैक्सिको भगाने में किसने सहायता की है। फर्जी पासपोर्ट मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।