एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश बड़ी लूट की वारदात को अंजाम देते हैं। 40 लाख की लूट से पहले इन लोगों ने 2014 में कोतवाली सेक्टर-20 क्षेत्र में 14.50 लाख रुपये की लूट की थी। अगस्त 2018 में दिल्ली के अशोक नगर में 4.10 लाख रुपये की लूट की थी। वारदात में प्रयुक्त बाइक भी बदमाशों ने गाजियाबाद से लूटी थी। गिरफ्तार गजेंद्र पर 8 और अनिल पर 7 मुकदमे पंजीकृत हैं। इन बदमाशों ने अधिकतर घटनाएं नोएडा में ही की हैं।
गजेंद्र ने कोर्ट में किया था आत्मसमर्पण
40 लाख रुपये की लूट की वारदात के बाद जब मौके से नन्हें पकड़ा गया तो गजेंद्र पुलिस के दबाव में आ गया। इसके बाद कोतवाली सेक्टर-20 के एक मामले में जारी एनबीडब्ल्यू पर 22 फरवरी को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद 26 फरवरी को उसे जमानत मिल गई। इसके बाद फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया। आत्मसमर्पण के बाद पुलिस पर यह सवाल उठ रहे हैं कि कोर्ट में समर्पण के बाद भी पुलिस को जानकारी कैसे नहीं मिली। इस पर एसएसपी का कहना है कि एनबीडब्ल्यू के मामले में कोर्ट से जानकारी आने में देर हो जाती है। इस कारण पता नहीं चल पाया।
15 लाख का पता नहीं चला
बदमाशों ने कुल 40 लाख रुपये लूटे थे। इनमें मौके से नन्हें के पास से 19.65 लाख रुपये बरामद हुए थे। इसके बाद गजेंद्र व अनिल के पास से 4.40 लाख रुपये बरामद हुए। लगभग 25 लाख के आसपास की बरामदगी हुई लेकिन 15 लाख रुपये का पता नहीं चल पाया। एसएसपी ने बताया कि कुछ पैसे बदमाशों ने खर्च कर दिए और मौके से कुछ पैसे लोगों ने उठा लिए थे। ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है।
एटीएम से 40 लाख रुपये लूट के मामले में शामिल सभी तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है। लूट के लगभग 25 लाख रुपये भी बरामद हुए हैं। शेष रकम के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
- वैभव कृष्ण, एसएसपी