फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दरिंदो ने पार की क्रूरता की सारी हदें, उतारा मौत के घाट

विज्ञापन
विज्ञापन
वसंतकुंज थाना इलाके में मिले 33 वर्षीय महिला की हत्या व दुष्कर्म मामले में आरोपियों ने हैवानियत की सारें हदें पार कर दी हैं। महिला का शव देखने वाले पुलिसकर्मियों के भी रोंगटे खड़े हो गए थे।
विज्ञापन


मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला के प्राइवेट अंगों में करीब आधा दर्जन लककियां डाली हुई थी। लकड़ियों की लंबाई करीब एक फुट और मोटाई दो ऊंगलियों के बराबर बताई जा रही हैं।

लकड़ियां प्राइवेट अंगों से बाहर निकली हुई थीं। बताया जा रहा है कि ये लकड़ियां डीडीए नर्सरी के जंगल से तोड़ी गई हो सकती हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही सारी बातें स्पष्ट हो पाएंगी।
विज्ञापन

जर्सी से बांध दिए थे हाथ और पैर

दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला की गर्दन पर जर्सी बंधी हुई थी। ऐसा माना जा रहा है कि महिला की जर्सी से ही गला दबाकर हत्या की गई है।

महिला के गर्दन पर रगड़ के निशान थे। महिला का शव सीधी अवस्था में पड़ा हुआ था। महिला के पैर पेट की तरफ ऊपर कर बांधा गया था।

पैरों को हाथों से बांधा हुआ था। महिला के हाथ-पैर भी जर्सी से बंधे हुए थे। महिला के ऊपर शरीर पर कुर्ता था। वह ऊपर किया हुआ था। महिला के निचले हिस्से पर कोई कपड़ा नहीं था।

महिला के प्राइवेट अंगों में डाल दी आधा दर्जन लकड़ियां

पुलिस अधिकारियों के अनुसार लकड़ियों से ऐसा लग रहा है कि वह उसी जंगल से तोड़ी हुई है। हालांकि लकड़ियां सूखी हुई थी। जंगल में जब घूमकर देखा तो उसमें सूखी लकड़ियां भी पड़ी हुई थीं।

पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि  एक आदमी महिला के शव को नर्सरी में नहीं ले सकता। ऐसे में माना जा रहा है कि महिला की हत्या व दुष्कर्म मामले में कई आरोपी हो सकते हैं।

नर्सरी की दीवारें भी इतनी ऊंची हैं कि एक आदमी आसानी से नहीं चढ़ सकता। महिला की हत्या कहीं और की गई हों और शव को नर्सरी में फेंक दिया हो। या फिर नर्सरी में ही महिला के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या की गई। इसके बाद उसके साथ हैवानियत की गई।
विज्ञापन

‘भैया! उसका मर्डर हो गया...क्या करूं’

‘भैया! उसका मर्डर हो गया...मैं क्या करूं’। दिल्ली में पत्नी की दुष्कर्म के बाद हत्या का पता चलने पर परेशान हुए शख्स ने शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे फोन पर घर वालों को पहली सूचना यही दी।

पीड़ित के गांव पहुंची ‘अमर उजाला’ टीम को घर का हर सदस्य गहरे सदमे में मिला। मृतका के जेठ ने बताया कि दिल्ली से आई फोन कॉल पर छोटे भाई के मुंह से ऐसे अल्फाज सुनकर वो सन्न रह गया।
 
घरवालों ने बताया कि आर्थिक मजबूती और अच्छे रोजगार की उम्मीद से भाई कई साल पहले दिल्ली गया था और सिलाई के काम से जुड़ी फैक्ट्री में रोजगार मिल गया। पंद्रह साल पहले शादी होने के बाद पत्नी को भी वहीं ले गया।

पत्नी व तीन बेटियों के साथ वह जीवनयापन लायक कमा लेता था लेकिन अप्रैल में घर बनवाने के लिहाज से गोरखपुर आया तो सड़क हादसे में पैर की हड्डी टूट गई। काम पर न जा पाने से नौकरी छूट गई तो उसकी पत्नी ने सात महीने पहले दिल्ली के फतेहपुर बेरी की एक फैक्ट्री में सिलाई का काम शुरू कर दिया।

जिंदगी फिर पटरी पर आई तो शुक्रवार शाम फैक्ट्री से लौटते समय दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। इस जानकारी के बाद से बुजुर्ग पिता टूट गए हैं। दो बेटों को छोड़कर बाकी पांच रोजगार के सिलसिले में दूसरे शहरों में बस गए थे।

इनमें से मुंबई गए एक बेटे की तीन साल पहले वहीं ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी, जिसे आत्महत्या बताया गया। अब बहू के साथ अनहोनी से टूटकर वह बेटे और पोतियों की जल्द से जल्द दिल्ली से वापसी चाहते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें