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Delhi NCR News: ओखला में एक्सपायरी डेट बदलकर खाद्य सामग्री बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़

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सात आरोपी गिरफ्तार, 20 लाख रुपये से अधिक का एक्सपायर्ड सामान और तारीख बदलने की मशीनें बरामद
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ओखला औद्योगिक क्षेत्र में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की ओखला इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट बदलकर उसे दोबारा बाजार में बेचने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 20 लाख रुपये से अधिक मूल्य की एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, तारीख बदलने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और पैकेजिंग से जुड़ा सामान बरामद किया है।
दक्षिण-पूर्व जिले के पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि यह कार्रवाई एसीपी अनिल शर्मा और ओखला थाना प्रभारी अनिल मलिक की निगरानी में की गई। पुलिस टीम को ओखला फेज-2 स्थित मैसर्स वेस्टनेड कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड में बाल श्रम की सूचना मिली थी। इसके बाद एसडीएम बदरपुर, एफएसएसएआई और एनजीओ मिशन मुक्ति के साथ संयुक्त रूप से छापा मारा गया।
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जांच के दौरान फैक्ट्री में कोई नाबालिग कर्मचारी नहीं मिला, लेकिन निरीक्षण में इससे भी बड़ा खेल सामने आया। पुलिस और एफएसएसएआई की टीम ने पाया कि बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों की पैकिंग पर छपी एक्सपायरी डेट हटाकर नई तारीख अंकित की जा रही थी। इसके लिए विशेष मशीनों और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था, किन-किन ब्रांडों के उत्पादों की री-पैकेजिंग की जा रही थी और सप्लाई चेन में कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

ये हुए गिरफ्तार
कंपनी मालिक दर्शन सिंह सचदेवा, मैनेजर नितेश भारद्वाज, अकाउंटेंट नरेंद्र कुमार, ऑपरेटर कपिय, वेयरहाउस कीपर लकी ओझा, सुपरवाइजर प्रेम यादव और पवन यादव को गिरफ्तार किया गया है।
केमिकल से मिटाते थे एक्सपायरी डेट, बारकोड और बैच नंबर भी बदल देते
जांच में सामने आया कि आरोपी नामचीन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के ऐसे खाद्य उत्पाद भारी छूट पर खरीदते थे, जिनकी एक्सपायरी डेट या तो बीत चुकी होती थी या समाप्ति तिथि नजदीक होती थी। इसके बाद केमिकल और थिनर की मदद से पैकेट पर छपी निर्माण और एक्सपायरी तिथि मिटा दी जाती थी। फिर प्रिंटिंग मशीनों से नई तारीख, फर्जी बैच नंबर और बारकोड छापकर उत्पाद को असली जैसा बना दिया जाता था। फर्जी न्यूट्रिशन लेबल और एमआरपी स्टिकर भी लगाए जाते थे।
घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजार में खपाया जाता था
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि एक्सपायरी डेट बदलने के बाद इन उत्पादों को घरेलू बाजार, अंतरराष्ट्रीय बाजार और विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता था। इससे उपभोक्ताओं की सेहत को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।
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भारी मात्रा में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बरामद
छापेमारी के दौरान फैंटा, थम्स अप, बॉर्नविटा, हॉर्लिक्स, घी, मैगी नूडल्स, पेपर बोट जूस और दो लीटर की सॉफ्ट ड्रिंक की बड़ी संख्या में एक्सपायर्ड बोतलें व पैकेट बरामद किए गए। पुलिस ने प्रिंटिंग, सीलिंग और तारीख बदलने वाली मशीनों के साथ नकली लेबल, बारकोड, न्यूट्रिशन स्टिकर और एमआरपी टैग भी जब्त किए हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े सप्लायरों और खरीदारों की पहचान कर पूरे रैकेट की जांच में जुटी है।
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