फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi NCR News: व्यावसायिक वाहनों को फर्जी स्टिकर बेचने वाला गिरोह पकड़ा, तीन गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
- दिल्ली में 'नो-एंट्री' से जुड़े प्रतिबंधों से बचाता था फर्जी स्टिकर
विज्ञापन

-पुलिस को आरोपियों के पास 31 लाख नकद, करोड़ों की संपत्ति बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह व्यावसायिक वाहनों को 'नो एंट्री' से जुड़े प्रतिबंधों से बचने में मदद करने के लिए कथित तौर पर फर्जी स्टिकर बेचता था।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि रिंकू राणा उर्फ भूषण, सोनू शर्मा और मुकेश कुमार उर्फ पकौड़ी की गिरफ्तारी के साथ ही यातायात से संबंधित धोखाधड़ी करने वाले तीसरे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ये आरोपी जबरन वसूली में शामिल एक अन्य गिरोह से भी जुड़े थे। उन्होंने बताया कि रिंकू राणा सरगना है। वह जो दो हजार से पांच हजार रुपये प्रति माह की दर से नकली 'मार्का' या 'स्टिकर' बेचकर व्यावसायिक माल वाहनों को प्रतिबंधित घंटों के दौरान आवाजाही की सुविधा प्रदान करता था। 'स्टिकर' को यातायात नियमों से संबंधित चालान से बचने के लिए गलत तरीके से पेश किया गया था। पुलिस ने छापा मारने के दौरान 31 लाख रुपये नकदी, कई करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, 500 से अधिक नकली 'स्टिकर' और गिरोह को संचालित करने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल करने वाले छह फोन बरामद किए। यह कार्रवाई यातायात पुलिस के एक अधिकारी की ओर से इस साल अप्रैल में दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर की गई।
विज्ञापन

सोशल मीडिया ग्रुप का करते थे इस्तेमाल

जांच में पता चला कि अवैध आवाजाही में वाहनों की मदद करने और चालकों को यातायात पुलिस जांच चौकियों के बारे में सूचना देने के लिए सोशल मीडिया ग्रुप का इस्तेमाल किया जाता था।
विज्ञापन

सरगना मकोका में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है
पुलिस ने बताया कि सोनू शर्मा के माध्यम से 'स्टिकर' बेचे जाते थे। मुकेश, राजकुमार उर्फ राजू मीणा का सहयोगी है और मीणा को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत पहले गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें