पकड़े गए आरोपियों की पहचान दओदिया दीपु भाई (43), अभिषेक (24), अरुणा बेन (34) के अलावा मंगोलपुरी के ज्वेलर दयाल पोद्दार (42) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात के अलावा लाखों रुपये का पिघला हुआ सोना और 86 हजार रुपये कैश बरामद किया है।
दओदिया इस पूरे रैकेट का मास्टर माइंड है। यह लोग भीड़-भाड़ वाली बसों में चढ़कर पहले अपना शिकार ढूंढते थे। बाद में उसके पास घेरा बनाकर पीड़ित का ध्यान भटकाया जाता था। इस बीच गिरोह की महिलाएं किसी तेज धारदार वस्तु से बैग काटकर कीमती सामान या कैश चोरी कर लेती थीं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
मध्य जिला के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने बताया कि 5 फरवरी को विकास कुमार नाम ज्वेलर ने कर्तव्य पथ थाने में सोने और चांदी के जेवरात चोरी होने की ऑन लाइन शिकायत दी थी। उसने बताया कि झंडेवालान के पास डीटीसी बस में यात्रा के दौरान किसी ने उसके बैग को काटकर चोरी की है।
उसके बैग में लाखों रुपये के जेवरात मौजूद थे। छानबीन के बाद 9 फरवरी को केस डीबीजी रोड थाने को ट्रांसफर कर दिया गया। लोकल पुलिस ने मामले की जांच की। सीसीटीवी कैमरे में कुछ संदिग्ध लोगों की पहचान हुई। बाद में पता चला कि वारदात को दो महिलाओं समेत चार लोगों ने अंजाम दिया।
इस बीच 13 फरवरी को टीम को एक महिला का फोटो और उसका मोबाइल नंबर मिला। उसकी सीडीआर लोकेशन की पड़ताल हुई। जांच में उनकी लोकेशन मंगोलपुरी की मिली। बाद में टीम ने एक महिला समेत तीन लोगों को मंगोलपुरी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने दो कंगन मंगोलपुरी के ज्वेलर दयाल पोद्दार को बेच दिए थे। उसे भी दबोच लिया गया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुछ समय के लिए वह दिल्ली में आते थे। किराए पर कमरा लेकर कई वारदातों को अंजाम देकर यह लोग वापस लौट जाते थे। देशबंधु गुप्ता रोड थाना पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस को मामले में श्वेता नामक एक महिला की तलाश है।