दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मध्यप्रदेश के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बच्चों को एक वर्ष के लिए किराये पर लेकर उनसे दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में शादी समारोह में चोरी करवाता था। पुलिस ने इन्हें पकड़ने के साथ ही दिल्ली, फरीदाबाद व गाजियाबाद के सात केस सुलझाने का दावा किया है। इनके कब्जे से 63,500 रुपये, सोने की एक चेन, बैग व एक कार बरामद की है।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में शादी व अन्य समारोह में चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। इंस्पेक्टर दलीप कुमार की देखरेख में एसआई अशोक कुमार, एसआई विजय कुमार व एएसआई वीर सिंह की टीम गठित की गई। टीम ने शादी समारोह की वीडियो फुटेज खंगालना शुरू किया। इसके बाद नाबालिग समेत तीन आरोपियों की पहचान कर इंस्पेक्टर दलीप कुमार की टीम ने बृहस्पतिवार को इन्हें दिल्ली से पकड़ लिया। बालिग आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के राजगढ़ निवासी सोनू और किशन के रूप में हुई। किशन के खिलाफ दिल्ली में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बच्चों के माता-पिता को 10 से 12 लाख रुपये देते थे
गिरोह का सरगना चोरी की वारदात के लिए गांव के ही 9 से 15 वर्ष के बच्चों को अनुबंध पर लेता था। ये बदले में बच्चों के माता-पिता को 10 से 12 लाख रुपये देते थे। एक बार जब सौदा हो जाता, तो ये बच्चे के माता-पिता को दो किश्तों में पैसा दे देते। इसके बाद सरगना बच्चों को एक महीने तक शादी समारोह में चोरी करने की ट्रेनिंग देता। आरोपी बच्चों को कोट पहनाकर व टाई लगाकर शादी समारोह में चोरी करने भेजते थे। कई बार इनके साथ महिला भी होती थी। बच्चे शादी में आए मेहमानों से घुल-मिल जाते थे। ये मौके की तलाश में रहते थे। जैसे ही समारोह में आई कोई महिला खाना खाते समय बैग टेबल पर रख देती थी या फिर कोई और मौका लगते ही ये बैग चुराकर गायब हो जाते थे।