ले चल पटना बाजार जीया ना लागै घरवा’ जैसे गीत पर बिहार से आए कलाकारों ने शानदार नृत्य प्रस्तुत कर सभी का दिल जीता लिया। उनकी हर प्रस्तुति को लोगों ने खूब सराहा। नृत्य ही नहीं केलवा जे करेला घवद से’ व आठ ही काठ के कोठरिया दो चिन्वाय’, जैसे भोजपुरी लोकगीतों की पेशकश भी बेजोड़ रही। इसके माध्यम से साइबर सिटी के पूर्वांचलवासियों ने अपनी छठ पूजा को यादगार बनाया।
यह कार्यक्रम शनिवार रात खांडसा गांव स्थित एकलव्य तीर्थ में संगीत नाटक अकादमी बिहार द्वारा आयोजित किया गया। इन सभी कलाकारों को बिहार सरकार द्वारा गुरुग्राम भेजा गया है। ग्रुप लीडर मिंटो रानी के नेतृत्व में माधव, अमित राज, रविकांत सिंह, अनंत मित्रा, निशा तिवारी, राधा, समीर, जूही आदि कलाकारों ने सौहर, घट, जट जटिन, कजरी, झूमर व बिहार की गौरव गाथा की प्रस्तुतियां दीं। पाटलीपुत्र सांस्कृतिक चेतना समिति के पदाधिकारी संत कुमार ने बताया कि पहली बार छठ पर्व को इतने बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।
छठ महोत्सव के दौरान डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन जीएल शर्मा बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। शर्मा ने कहा कि गुरुग्राम में बड़ी संख्या में बिहार के लोग रहते हैं। प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने छठ महोत्सव मनाने की पहल की है । इसके लिए उन्होंने हरियाणा कला परिषद के निदेशक अजय सिहंल व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार जाताया।
भाजपा नेता कुलभूषण भारद्वाज ने कहा कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को कायम रखने के लिए प्रयास जरूर करना चाहिए। सभी भारतवासी एक हैं इस बात का भी सभी को ध्यान रखना चाहिए। निगरानी कमेटी के चेयरमैन सुमेर सिंह तंवर ने भी लोगों को संबोधित किया।