पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों से बातचीत में पता चला कि कई लोगों को सिर्फ इतना पता था कि पीयूसी जरूरी है, लेकिन यह जानकारी नहीं थी कि एक अक्तूबर से पीयूसी नहीं होने पर पेट्रोल या डीजल भी नहीं मिलेगा। दिल्ली सरकार ने एक अक्तूबर से नो पीयूसी, नो फ्यूल व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की घोषणा की है। इसके तहत वैध पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं होने पर पेट्रोल, डीजल समेत ईंधन नहीं मिलेगा।
बुधवार को कई पेट्रोल पंप संचालकों से बातचीत में यह भी सामने आया कि कर्मचारियों को नियम लागू करने की प्रक्रिया को लेकर हर जगह स्पष्ट जानकारी नहीं मिली थी। पेट्रोल पंप संचालक ब्रिजेश ने बताया कि लोगों को अभी तक जानकारी नहीं पहुंची। उनके अनुसार, बुधवार दिन में करीब 35 लोग ही पीयूसी करवाने पहुंच। उनके मुताबिक, पीयूसी बनवाने के दौरान वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है। ऐसे में जिन लोगों का मोबाइल नंबर बदल गया है या पुराना नंबर बंद हो चुका है, उन्हें परेशानी हो सकती है।
पीयूसी केंद्रों पर बढ़ सकती है भीड़
बाबा खड़क सिंह मार्ग स्थित पेट्रोल पंप संचालक जंयत ने बताया कि नियम लागू होने के बाद पीयूसी केंद्रों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है। उनके अनुसार, वाहन चालक सुविधा के कारण अक्सर पेट्रोल पंपों पर ही पीयूसी बनवाना पसंद करते हैं। जिन वाहन चालकों ने अभी तक पीयूसी नहीं बनवाया है, उन्हें अब इसकी जरूरत पड़ेगी। वाहन मालिकों के लिए सिर्फ पीयूसी बनवाना ही नहीं, बल्कि उसकी वैधता जांचना भी जरूरी होगा। प्रमाणपत्र की अवधि खत्म होने पर नया प्रमाणपत्र बनवाना पड़ेगा।
आरकेपुरम में मौजूद वाहन चालक रमन ने बताया कि उसे नियम की जानकारी पहली बार पेट्रोल पंप पर ही मिली। वहीं, एक अन्य चालक मनोज ने बताया कि वह हर महीने वाहन में ईंधन भरवाता है, लेकिन उसे इस तरह के नियम की जानकारी नहीं थी।
ऐसे होगी पेट्रोल पंप पर निगरानी
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, पेट्रोल पंप में प्रवेश करने वाले वाहन की नंबर प्लेट कैमरे से पढ़ी जाएगी। सिस्टम नंबर के आधार पर वाहन की जानकारी और पीयूसी की स्थिति की जांच करेगा। वैध पीयूसी होने पर वाहन को ईंधन दिया जाएगा। बिना वैध पीयूसी वाले वाहन की पहचान होने पर उसे ईंधन देने से रोका जाएगा।