- खाद्य उत्पादों की जांच को लेकर राज्यवार रिपोर्ट की जारी, जुर्माने में हुई बढ़ोत्तरी
- यूपी के अलावा हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली में भी स्थिति गंभीर
- वर्ष 2018-19 में केंद्र सरकार ने 32.58 करोड़ रुपये जुर्माने में वसूले
खाद्य उत्पादों को लेकर उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। वर्ष 2018-19 में पूरे देश में उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के लिए कार्रवाई की थी जिसके तहत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से तकरीबन 22,583 खाद्य सैंपल की जांच में 11,817 मानकों के अनुरूप नहीं मिले।
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इनमें से 1404 असुरक्षित, 7907 मिलावटी और 2506 सैंपल पर लेबलिंग गलत तरीके से पाई गई। इसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए देश में सबसे ज्यादा जुर्माना 15.89 करोड़ रुपये भी एकत्रित किया है। ठीक इसी तरह हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भी स्थिति गंभीर मिली है।
सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने वर्ष 2018-19 में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर की गई कार्रवाई पर राज्यवार रिपोर्ट जारी की गई।
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इसमें प्राधिकरण ने बीते तीन वर्षों की तुलना करते हुए बताया कि देश भर से 1,06,459 सैंपल की जांच की गई जिनमें से 3.7 फीसदी स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए गए। जबकि 15.8 फीसदी सैंपल मिलावटी और 9 फीसदी में लेबलिंग नियमों के खिलाफ की गई।
पहली बार प्राधिकरण की ओर से मिलावटी उत्पादों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट जारी की गई है। देश भर से वर्ष 2016 में 78,340 और साल 2017 में 99,533 सैंपल की जांच में क्रमश: 18,325 व 24,262 मानकों के विपरीत्त मिले थे। जबकि वर्ष 2018 में 7 फीसदी ज्यादा सैंपल लेने के बाद 25 फीसदी ज्यादा सैंपल मिलावटी मिले हैं।
रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में 7063 में से 1369, महाराष्ट्र में 4742 में से 1036, राजस्थान में 5760 में से 2147 और तमिलनाडू में 5730 में से 2601 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।
राज्य कुल सैंपल मिलावटी केस जुर्माना
यूपी 22583 11817 8957 15.89 करोड़
उत्तराखंड 755 35 36 28.53 लाख
पंजाब 11920 3961 1885 1.57 करोड़
हिमाचल प्रदेश 229 43 14 9.65 लाख
हरियाणा 2929 737 535 51.16 लाख
जम्मू कश्मीर 3600 1416 708 57.18 लाख
दिल्ली 2461 485 139 47.16 लाख
चंडीगढ़ 315 30 58 3.35 लाख (नोट : अपराधिक और सिविल दोनों प्रकार के केस दर्ज हुए हैं।)
राज्य असुरक्षित गुणवत्ता खराब गलत लेबलिंग कुल मिलावटी
यूपी 1404 7907 2506 11817
उत्तराखंड 00 25 10 35
पंजाब 92 2015 1854 3961
हिमाचल प्रदेश 06 20 17 43
हरियाणा 95 459 183 737
जम्मू कश्मीर 44 732 640 1416
दिल्ली 96 148 241 485
चंडीगढ़ 03 16 11 30
मिलावट के खिलाफ कार्रवाई में ये राज्य सुस्त
प्राधिकरण के अनुसार देश के 10 राज्यों में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई करने में विभागीय सुस्ती देखने को मिली है। इसके पीछे कई वजह हैं जैसे-स्टाफ की कमी, पर्याप्त प्रयोगशालाओं का अभाव इत्यादि। इनमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, असम, झारखंड, ओड़िशा, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और तेलंगना शामिल हैं।
मिलावट की वजह से 31 तरह की बीमारियां फैलीं
सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि मिलावटी खाद्य उत्पादों की वजह से कई जानलेवा बीमारियां पांव पसार रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भी खाद्य उत्पादों से होने वाली तकरीबन 31 बीमारियों की पुष्टि कर चुका है जिसमें डायरिया, टाइफाइड के अलावा खाद्य उत्पाद जनित बीमारियां (एफबीडी) संक्रमण, एचआईवी, मलेरिया, टीबी, हेपेटाइटिस ए इत्यादि को बढ़ावा मिलता है। एफएसएसएआई के सीईओ पवन अग्रवाल का कहना है कि बीते काफी समय से मिलावट से जुड़ी खबरें अलग अलग राज्यों से मिल रही हैं। जनता का विश्वास पाने के लिए प्राधिकरण लगातार राज्यों के साथ मिलकर ठोस कार्रवाई कर रहा है। साथ ही सरकार विभिन्न राज्यों में प्रयोगशालाएं और जागरूकता को बढ़ावा भी दे रही है।