दादरी में हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस की एक ओर लापरवाही सामने आई है। सारा नजारा देखने वाली फुरकान की पत्नी पुलिस के सामने फरार हो गई थी। वह पुलिस वालों के सामने घायल भाई औरंगजेब को अस्पताल में भर्ती कराने नोएडा आई, जहां से वह गायब हो गई।
सवाल यह है कि पुलिस ने महिला को मौके पर ही हिरासत में क्यों नहीं लिया, जबकि औरंगजेब को पुलिस भी अस्पताल ले जा सकती थी। यह लापरवाही पुलिस पर अब भारी पड़ रही है, क्योंकि फुरकान की पत्नी जावेद की विश्वासपात्र है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दादरी के नई आबादी मोहल्ले में फुरकान के घर पर जावेद और उसके साथियों का आना जाना लगा रहता था। फुरकान की पत्नी जावेद की विश्वासपात्र है। वह दादरी आने पर अपने घर के बजाए फुरकान के घर पर ठहरता था।
महिला जावेद के बारे में अधिक जानकारी रखती है
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
पुलिस मुठभेड़ के दौरान जावेद और उसके साथियों के अलावा मकान में फुरकान, उसकी पत्नी और दो बच्चे थे। गोलीबारी के बाद जावेद साथियों के साथ मकान की छत के रास्ते से निकल गया था। इसके बाद पुलिस ने मकान को घेरा।
उस समय घर पर फुरकान की पत्नी दो बच्चे के साथ थी। पुलिस ने उससे बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाने की जरूरत नहीं समझी। वह करीब 9 बजे दो बच्चों को लेकर पुलिस के सामने ही घायल भाई औरंगजेब को अस्पताल में भर्ती कराने पहुंच गई।
पुलिस महिला को उसी दौरान हिरासत में ले लेती तो जावेद और फुरकान के बारे में अहम जानकारी जुटाई जा सकती थी। महिला जावेद के बारे में अधिक जानकारी रखती है। सवाल यह भी है कि पुलिस ने महिला को जाने ही क्यों दिया उसे तभी हिरासत में लेना चाहिए था। महिला पुलिसकर्मी भी मौके पर नहीं थी।
जावेद के परिजन भी फरार
दादरी में दरोगा शहीद
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
घटना के दिन करीब 10 बजे के बाद जावेद और उसके परिवार के लोग चले गए। पहले पुरुष गए उसके बाद उसकी पत्नी भी बच्चों को लेकर चली गई।
उनके जाने के बाद पुलिस परिवार के लोगों को पकड़ने गई लेकिन तब तक सभी जा चुके थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जावेद ने पड़ोस में रहने वाली लड़की से शादी की थी।
उसके परिवार के लोगों ने विरोध किया था लेकिन दबंगई के चलते जावेद ने जबरन जबरन शादी की। उसके दो बच्चे हैं। शादी करने के बाद दोनों वहीं पर मोहल्ले में ही रह रहा था।