जनता कर्फ्यू के दौरान आसपास के राज्यों से आने वाली बसें भी दिल्ली नहीं पहुंची। कश्मीरी गेट, आनंद विहार और सराय काले खां बस अड्डों पर न यात्रियों की भीड़ दिखी और न ही इस दौरान बसें आईं।
आज से दिल्ली की सड़कों पर 25 फीसदी बसें ही संचालित होंगी, ताकि बेहद जरूरी कार्यों के लिए लोग गंतव्य तक पहुंच सकें। यह पहला ऐसा मौका है जब दिल्ली मेट्रो की सभी लाइन पर सेवाएं 10 दिनों तक बंद रहेंगी। दूसरे राज्यों से बसें भी दिल्ली में 31 मार्च के बाद ही दिल्ली में प्रवेश कर सकेंगी।
महज तीन यात्रियों ने कराई थी बुकिंग
दिल्ली से काठमांडू के लिए बस सेवा को भी एहतियात के तौर पर बंद किया गया। सोमवार से अगले सात दिनों के लिए महज तीन यात्रियों ने एडवांस बुकिंग कराई थी। इससे संबंधित खबर अमर उजाला में सबसे पहले 19 मार्च के अंक में प्रकाशित किया गया।
अंतरराष्ट्रीय बस सेवा और एशियाई देशों से लगते सीमावर्ती क्षेत्रों से संक्रमण को बढ़ावा न मिले, इसे ध्यान में रखते हुए डीटीसी ने काठमांडू बस सेवा बंद करने का निर्णय लिया। इस बारे में डीटीसी की वेबसाइट पर भी जानकारी दी गई है, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।
सब कुछ बंद
बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच पूरी दिल्ली को लॉकडाउन किया जा रहा है। सोमवार सुबह 6 बजे 31 मार्च रात 12 बजे तक दिल्ली में मेट्रो, अंतर्राज्यीय बसों समेत अंतरराष्ट्रीय व घरेलू यातायात सेवाएं ठप कर दी गई हैं।
दिल्ली के सभी बार्डर भी सील कर दिए गए हैं। दवा की दुकानें, फल-सब्जी की दुकान और मिल्क प्लांट के अलावा सभी तरह की दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और फैक्टरी बंद रहेंगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हालात का जायजा लेकर 31 मार्च के बाद अगला फैसला किया जाएगा। तब तक सब कुछ बंद रहेगा।