कनॉट प्लेस का एन ब्लॉक का एक कोना। ट्रायपॉड पर मोबाइल सज चुका है। मोबाइल के पीछे एक डायरेक्टर नुमा लड़का खड़ा है...आवाज आती है...यस...ओके...स्टार्ट...और इसके साथ मोबाइल के सामने खड़े लड़के जियाती, अरहम, सैफी, समीर और हमजा लचकाते बलखाते एक अलग स्टाइल से कुछ परफार्म करने लगे। चंद सेकेंड के बाद मोबाइल थामे शाकिब ने कहा...फिर से टेक लेना होगा। अभी मजा नहीं आया। और इसी के साथ इन दोस्तों का नवाबजादे के नाम से बना ग्रुप दोबारा एक्शन में आ गया।
दरअसल, नवाबजादों का यह ग्रुप टिकटॉक वीडियो बना रहा था। कनॉट प्लेस में एक नवाबजादे नहीं बल्कि सैकड़ों की संख्या में युवा रोजाना सितारे बनने की चाह में टिकटॉक बनाने पहुंचते हैं। देश की राजधानी में टिकटॉक बनाने वाले सबसे ज्यादा युवा कनॉट प्लेस में ही अपने हुनर को आजमाने आते हैं। इनमें से कई ऐसे लोग भी हैं जिनके फोलोअर्स की संख्या लाखों में है। एक अनुमान के मुताबिक सिर्फ सीपी पर ही दिन में एक हजार से ज्यादा छोटे बड़े ग्रुप वीडियो बनाते हैं।
एच एंड एम के पास की गली में सितारों का जमघट
एन ब्लॉक के एच एंड एम शोरूम के पास टिकटॉक वीडियो बना रहे नवाबजादे ग्रुप के जियाती खां और अरहम कहते हैं कि उनके दोस्तों का एक ग्रुप है। जो पिछले कुछ समय से टिकटॉक वीडियो बनाता है। उनके टिकटॉक पर डेढ़ लाख से ज्यादा फोलोअर्स है। ग्रुप के सदस्य कहते हैं कि टिकटॉक ने उनको जो क्रिएटिविटी का प्लेटफॉर्म दिया है उसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। इस ग्रुप के सैफी कहते हैं कि लोग अब हमें पहचानने लगे हैं।
सेंट्रल पॉर्क में भी चल रही टिकटॉक की पाठशाला
सेंट्रल पार्क में अभिनय कर रही आकांक्षा बीए अंग्रेजी की छात्रा हैं। वह अपने दोस्त मयंक के साथ टिकटॉक वीडियो बनाने आई हैं। आकांक्षा कहती हैं कि वह पिछले एक साल से टिकटॉक पर वीडियो बनाती हैं। उनके दस हजार फोलोअर्स हो गए हैं। यहीं पॉर्क में मयूर विहार से आई फलक का टिकटॉक वीडियो उनकी मम्मी रूबी बना रहीं थी। कक्षा आठ में पढ़ने वाली फलक कहती हैं कि उनके वीडियो देखकर उनके दोस्त कहने लगे हैं कि तुमको एक्टिंग अच्छी आती है। अब मुझे इसी लइन में आगे जाना है।
हुनर पता चल जाए तो संवारा जा सकता है
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से जुड़े पुनीत अस्थाना कहते हैं कि हुनर किसी का मोहताज नहीं होता है। अगर टिकटॉक से युवाओं को उनके हुनर का अंदाजा हो रहा है और वह एक्टिंग कर रहे हैं तो यह एक अच्छा माध्यम है। अपनी प्रतिभा को निखारने का। एक्टिंग में जो सबसे जरूरी होता है वह है पब्लिक प्लेटफॉर्म पर झिझक को तोड़ना और यह टिकटॉक पर वीडियो बनाने वाले कर रहे हैं।