जहां तक कॉम्प्रिहेंसिव बीमा की बात है, तो इसमें वाहन खरीदार के पास विकल्प होगा। कार के खरीदार एक साल या तीन साल का कॉम्प्रिहेंसिव बीमा ले सकेंगे, जबकि दोपहिया वाहन खरीदार को पांच साल का बीमा लेना होगा।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक, सभी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को नई कारों को तीन साल के लिए थर्ड-पार्टी बीमा कवर तथा नए दोपहिया वाहनों के लिए पांच साल का थर्ड-पार्टी बीमा कवर जारी करना अनिवार्य कर दिया गया है।