गुड़गांव में बेटियों को घर के भीतर और बाहर सताने वाले डर से मुक्ति दिलाने के लिए मित्रता क्लीनिक घर-घर पहुंचेगा। नए साल से यह सेवा शुरू हो गई है। जल्द ही एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा।
सिविल अस्पताल में 19 साल से कम आयु के बच्चों को यौन शिक्षा देने के लिए मित्रता क्लीनिक स्थापित किया गया था। जनवरी 2012 से दिसंबर 2012 तक यहां 2500 से अधिक युवा काउंसलिंग के लिए पहुंच चुके हैं।
क्लीनिक की संगीता मेहरा बताती हैं कि मित्रता क्लीनिक में आने वाली अधिकांश युवतियां पहनावे पर छींटाकशी करने, किसी के द्वारा पीछा करने और अश्लील फब्तियां कसने जैसी शिकायतें लेकर आती हैं। कई मामले ऐसे भी आए हैं जिसमें बच्चियां अपने आपको घर में असुरक्षित महसूस करती हैं।
मित्रता क्लीनिक में बढ़ते मामलों के मद्देनजर मोबाइल टीम सेवा शुरू की गई है। यह मोबाइल टीमें घर-घर जाकर ऐसी युवतियों से बात करेंगी, जो तकलीफ में होते हुए भी किसी को अपना दर्द बयां नहीं कर पाती।
दस टीमों का किया गठन
मित्रता क्लीनिक की नोडल अधिकारी डा. सुनीता राठी ने बताया कि मोबाइल सेवा में कुल दस टीमों को शामिल किया गया है। प्रत्येक टीम में दो चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट और एक एएनएम को शामिल किया गया है। इन टीमों का उद्देश्य युवतियों के भीतर समाहित डर का खात्मा करने के साथ उन्हें स्वास्थ्य लाभ देने का भी रहेगा।