फ्रीडम-251 मोबाइल बनाने वाली रिंगिंग बेल कंपनी के खिलाफ दर्ज मामले में जांच अधिकारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में काउंटर एफिडेविट दाखिल कर दिया है। जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि कंपनी के मालिक समेत तीन लोगों के पासपोर्ट जब्त कर लिए गए हैं। साथ ही, करीब 30 हजार ग्राहकों से जो 84 लाख रुपये कंपनी ने लिए थे, उसे गेटवे के जरिये वापस कर दिया गया है।
बीजेपी सांसद डॉ. किरीट सौमेया की तहरीर पर फेस-3 थाने में रिंगिंग बेल कंपनी, मालिक मोहित गोयल, वरिष्ठ अधिकारी अशोक चड्ढा व अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और 66 आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।
सांसद ने कंपनी पर भ्रामक प्रचार करके और पीएम के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के नाम का इस्तेमाल करके पैसा इकट्ठा करने का आरोप लगाया है। एफआईआर में सौमेया ने आरोप लगाया है कि बिना लाइसेंस के विज्ञापन देकर और बुकिंग करके करोड़ों रुपये उगाहे गए।
महज 251 रुपये में स्मार्टफोन उपलब्ध करवाना संभव ही नहीं है
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कंपनी का अभी-अभी रजिस्ट्रेशन हुआ है और डायरेक्टर्स के पास कई जरूरी रजिस्ट्रेशन तक नहीं हैं। महज 251 रुपये में स्मार्टफोन उपलब्ध करवाना संभव ही नहीं है। लिहाजा, इसके पीछे ठगी करके करोड़ों रुपये की उगाही कर भागने की मंशा है।
बीजेपी सांसद ने कंपनी के बैंक अकाउंट भी फ्रीज करने की पुलिस से अपील की है। साथ ही, खरीदारों का डाटा भी जुटाने की मांग की है, ताकि उन्हें पैसा वापस दिलवाया जा सके। वहीं, जांच अधिकारी पंकज पंत ने बताया कि अदालत में काउंटर एफिडेविट दाखिल कर दिया गया है।
एफिडेविट में दो बातों का जिक्र किया गया है, जिसमें 30 हजार ग्राहकों के 84 लाख रुपये गेटवे के जरिये कंपनी ने लौटा दिए हैं। साथ ही, कंपनी मालिक मोहित गोयल, पत्नी धारणा गर्ग और अधिकारी अशोक चड्ढा के पासपोर्ट जब्त कर लिए गए हैं।