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केजरीवाल के हाथ से निकल सकती है मुफ्त सफर योजना, यहां पढ़ें क्यों होगा ऐसा

Thu, 13 Jun 2019 01:00 PM IST
दुष्यंत शर्मा संतोष कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में महिलाओं को मेट्रो में मुफ्त सफर कराने की योजना मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के हाथ से निकल सकती है और इसकी एक बहुत बड़ी वजह एक मंजूरी है। उस मंजूरी को भले ही दिल्ली के सीएम महज औपचारिकता बता रहे हों लेकिन इसकी वजह से इस योजना का भविष्य नई सरकार के हाथों में जा सकता है। 
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि सीएम केजरीवाल मुफ्त मेट्रो सफर की योजना के लिए किराया निर्धारण समिति (एफएफसी) से मंजूरी लेने की मेट्रो की दलील को बेशक औपचारिकता मान रहे हों, लेकिन इसके चलते ये योजना मौजूदा सरकार के हाथ से छिटक सकती है। ऐसा हुआ तो योजना का भविष्य विधानसभा चुनाव के बाद फरवरी-2020 में आने वाली नई सरकार तय करेगी। दिल्ली मेट्रो ने अपने प्रस्ताव में जिक्र भी किया है कि योजना लागू करने के लिए उसे 8 महीने का वक्त चाहिए।
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प्रेसवार्ता करते हुए अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, किराया निर्धारण समिति के गठन की अपनी औपचारिक प्रक्रिया है। दिल्ली सरकार योजना को मेट्रो के प्रस्ताव के हिसाब से एफएफसी में ले जाने को तैयार होती है तो उसके गठन के लिए डीएमआरसी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजेगी। इसके बाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की तलाश कर केंद्र उसकी अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करेगा। 

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केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
कमेटी में केंद्र व दिल्ली सरकार के एक-एक प्रतिनिधि भी होंगे। केंद्र सरकार से गठन की अधिसूचना जारी होने केबाद कमेटी काम शुरू करेगी। मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि कमेटी के गठन व उसकी सिफारिशें आने की प्रक्रिया काफी लंबी है। अब तक की चार एफएफसी ने गठन के बाद सिफारिशें देने में न्यूनतम तीन महीने का समय लगाया है। 
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केजरीवाल सिसोदिया गोपाल राय - फोटो : अमर उजाला
इस बीच वह मेट्रो के सभी शेयरधारकों व विशेषज्ञों से भी चर्चा करती है। कमेटी का प्रस्ताव डीएमआरसी बोर्ड में जाता है। बोर्ड की मंजूरी के बाद कमेटी की सिफारिशें लागू होती हैं। इसी कारण मेट्रो ने अपने प्रस्ताव में दिल्ली सरकार से 8 महीने का समय मांगा है। देरी की आशंका को देखते हुए दिल्ली सरकार योजना को एफएफसी कमेटी में ले जाने की बात पर सवाल उठा रही है। सब्सिडी का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कमेटी में जाने की जरूरत उन्हें लगती। फिर भी, इसे औपचारिकता बताते हुए पहले दिन ही वह डीएमआरसी के प्रस्ताव पर किसी तरह के टकराव से बचते दिखे। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि केंद्र को इस पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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महिलाओं को मिल सकती है बस और मेट्रो में फ्री यात्रा की सुविधा - फोटो : अमर उजाला
उधर, केजरीवाल सरकार के सिर्फ साढ़े सात महीने बचे हैं। तयशुदा समय के हिसाब से विधानसभा चुनाव हुआ तो जनवरी में इसकी अधिसूचना जारी हो जाएगी। ऐसे में दिल्ली सरकार के पास दिसंबर तक सिर्फ छह महीने का समय है। योजना का भविष्य बहुत कुछ इस पर टिका है कि कमेटी के गठन में केंद्र कितनी तेजी दिखाता है।

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