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दिल्ली: भाई दूज से महिलाओं के लिए मुफ्त हो जाएगा डीटीसी में सफर, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Thu, 24 Oct 2019 06:26 AM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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भाई दूज के मौके पर इस बार महिलाओं को डीटीसी बसों में हमेशा के लिए निशुल्क सफर का तोहफा मिलेगा। 29 अक्तूबर से इसे लागू करने के लिए डीटीसी ने तैयारियां पूरी होने का दावा किया है। बसों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ साथ महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला मार्शल की संख्या में भी बढ़ोतरी की जा रही है। बसों में रोजाना करीब 30-31 लाख यात्री डीटीसी बसों में सफर करते हैं। इनमें करीब 15 फीसदी यानि पांच लाख लाख महिलाएं सफर करती हैं।

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बसों में निशुल्क सफर का मौका देने के लिए दिल्ली सरकार के इस निर्णय को लागू करने में डीटीसी पूरी तरह जुटा है। इसके तहत पहले से संचालित होने वाली बसों को दुरस्त करने के साथ साथ बेहतर सुविधाएं देने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। इस स्कीम की शुरुआत से उन महिलाओं को अधिक फायदा मिलेगा, जो पहले से ही बसों में सफर कर रही हैं। माना जा रहा है कि इस सुविधा के शुरू होने से उन महिलाओं को अधिक फायदा मिलेगा जिन्हें गंतव्य तक पहुंचने के लिए सीधी रूट की बसें चल रही हैं।

नई बसों के आने तक यात्रियों को होगी परेशानी

पुरानी हो चुकी बसों में होने वाली खराबी के कारण अक्सर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। डीटीसी की संख्या में बढ़ोतरी के लिए टेंडर जारी किए जा रहे हैं। इसमें 300 इलेक्ट्रिक बसों के अलावा 1000 अन्य बसें शामिल हैं। इन बसों के सड़कों पर उतरने के बाद ही यात्रियों को दिल्ली में बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी। तब तक दिल्ली में बसों की कमी के कारण डीटीसी को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
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रोजाना बसें खराब होने से बरकरार है यात्रियों की परेशानी

बुधवार को भी रूट नंबर-729 की एसी बस अचानक 11 मूर्ति के पास बंद हो गई। इसके बाद यात्रियों को दूसरी बस में भेजा गया। पुरानी हो चुकी लो फ्लोर बसों के कहीं भी खराब हो जाने की वजह से डीटीसी बसों में सफर करने वालों की संख्या कम होती जा रही है।  

नौ वर्ष में डीटीसी बसों में 25 फीसदी कम हुए यात्री

दिल्ली की सड़कों पर वाहनों की भारी तादाद होने की वजह से लेागों को अक्सर बसों में सफर करने वालों को देरी की समस्या से जूझना पड़ता है। बसों की कमी और नियमित समय पर संचालन न होने की वजह से बसों में यात्रियों की संख्या पहले से कम हुई है। नौ साल पहले डीटीसी बसों में रोजाना 40 लाख से अधिक लोग सफर करते थे। मेट्रो का संचालन शुरू होने के बाद बसों में यात्रियों की संख्या कम होते होते 25 फीसदी तक कम हो गई। अब यह संख्या करीब 30 लाख है।

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