फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विश्वविद्यालय समेत मेट्रो के तीन स्टेशनों से फ्री साइकिल राइडिंग

Wed, 14 Jun 2017 09:22 AM IST
बृजेश सिंह/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
सांकेत‌िक च‌ित्र
विज्ञापन
दाखिला प्रक्रिया के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय आने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली मेट्रो के तीन स्टेशनों विश्वविद्यालय, जीटीबी नगर और रोहिणी ईस्ट पर बने साइकिल स्टैंड से फ्री साइकिल राइड की सुविधा मिल रही है।
विज्ञापन


हालांकि यह सुविधा मेट्रो की नहीं बल्कि यहां स्टैंड चलाने का ठेका लेने वाली कंपनी दिल्ली साइकिल प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी ओर से शुरू की है। कंपनी का कहना है कि साइकिल चलाने के प्रति युवाओं जागरूक करने के लिए यह फैसला लिया गया है।

दिल्ली मेट्रो के 15 स्टेशनों पर कुल 16 साइकिल स्टैंड है। डीएमआरसी यह साइकिल स्टैंड टेंडर के जरिए अलग-अलग कंपनियों को चलाने के लिए देती है। सामान्य तौर पर साइकिल स्टैंड एक घंटे के लिए 10 रुपये का शुल्क लेती है। मगर विश्वविद्यालय, जीटीबी नगर और रोहिणी ईस्ट जहां पर कुल 140 साइकिल है वहां से छात्र स्टेशन से बाहर आकर साइकिल की फ्री राइड का मजा ले सकते है।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

डीएमआरसी की ओर से साइकिल स्टैंड चलाने वाली कंपनी ने की पहल

Delhi Metro Line
कंपनी के निदेशक अतुल जैन ने बताया कि साइकिल के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि उनके दो स्टेशनों पर साइकिल के सबसे ज्यादा यूजर्स युवा है।

डीयू में पढने वाले छात्रों को दिक्कत ना हो इसके लिए हमने मेट्रो स्टेशनों के अलावा नॉर्थ कैंपस के तीन कॉलेज रामजस, हंसराज और दौलतराम कॉलेज पर सैटेलाइट साइकिल स्टैंड बनाया है।

छात्र तीनों स्टेशनों के अलावा यहां से भी साइकिल प्राप्त कर सकते है। उनके मुताबिक अभी सिर्फ विश्वविद्यालय से रोजाना औसतन 200 ट्रिप साइकिल के लग रहे है। इन स्टेशनों पर यह सुविधा दाखिले के बाद भी जारी रहेगी।

30 मिनट के लिए मिलती है साइकिल
साइकिल स्टैंड चलाने वाली कंपनी के मुताबिक छात्र को साइकिल देने की दो शर्ते है। पहला वह अपना वास्तविक  पहचान पत्र जमा करते है दूसरा उसे हमारा मैंबरशिप कार्ड लेना पड़ेगा। यह मैंबरशिप कार्ड भी मुफ्त में मिलता है। इस दौरान हम छात्र का मोबाइल नंबर लेते है। साइकलिमुफ्त में है इसलिए वह उसका ज्यादा देर तक के लिए बेवजह इस्तेमाल ना करे इसलिए 30 मिनट के लिए साइकिल दी जाती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई जानबूझकर 30 मिनट से ज्यादा समय तक उसे अपने पास रखता है तो हम उसका रिकॉर्ड साफ्टवेयर में रिकॉर्ड रखते है। तीन बार से ज्यादा ऐसा करने पर उसे ब्लैकलिस्ट कर देते है। साफ्टवेयर में मोबाइल नंबर डालते ही उसका पूरा रिकॉर्ड आ जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें