मूलरूप से राजस्थान के जिला भिवाड़ी स्थित सिवानी गांव निवासी बलवंत राय ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता श्योनारायण ने साल 1985 में धौज इलाके की कोट पहाड़ी में करीब एक एकड़ जमीन खरीदी थी। साल 1986 में हत्या के मामले में बलवंत व उसके पिता को निचली अदालत ने फांसी की सजा सुना दी। इसके बाद दोनों राजस्थान जेल में बंद थे।
हाईकोर्ट में अपील के बाद अदालत ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। साल 2000 तक बलवंत और उसके पिता उम्रकैद की सजा काट रहे थे। सजा पूरी होने के बाद जब दोनों छूटे तो फरीदाबाद में अपनी जमीन की जानकारी लेने आए। यहां उन्हें जमीन के बिकने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने राजस्व विभाग से जमीन के कागजात निकालवाए।
आरोप है राजस्व विभाग से कागज निकालने के बाद पुलिस व अन्य विभागों के चक्कर लगाते रहे लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। मजबूर होकर उन्होंने गृहमंत्री अनिल विज से मामले की शिकायत की। आरोप है कि दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन पार्ट-1 निवासी प्रेम बी जगतानी व धौज के कोट निवासी धर्मबीर सरपंच ने फर्जी हस्ताक्षर कर उनकी जमीन बेच डाली।
कागजात के मुताबिक उनकी जमीन साल 1988 में बेची गई है। बिक्री के दौरान उनके व पिता के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं, जबकि उस दौरान वह जेल में बंद थे। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।