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Delhi NCR News: क्रिप्टो ट्रेडिंग का झांसा देकर ठगी, खाता फ्रीज कर और रकम मांगी

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राजस्थान-एमपी से अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के छह आरोपी दबोचे
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने टास्क आधारित ऑनलाइन ठगी और फर्जी क्रिप्टो करेंसी निवेश योजना के जरिए लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके छह सदस्यों को राजस्थान और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दिल्ली के एक व्यक्ति को ऑनलाइन प्रचार संबंधी फर्जी कार्यों, ऊंचे कमीशन और आकर्षक मुनाफे का लालच देकर 4.29 लाख रुपये की ठगी की।
जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि ठगों ने खुद को एक डिजिटल विपणन कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित को पहले एक ग्रुप में जोड़ा। शुरुआती दौर में उसे छोटे-छोटे कमीशन देकर उसका विश्वास जीता। इसके बाद पीड़ित को दूसरे ग्रुप में शामिल कर उससे प्रचार संबंधी कार्यों और एक फर्जी क्रिप्टो करेंसी कारोबार मंच पर अधिक धन निवेश करने के लिए कहा गया।
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निवेश के बाद जब उसने अपना पैसा निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने बताया कि उसका ट्रेडिंग खाता फ्रीज हो गया है। इसके एवज में रकम मांगी गई। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर दक्षिण-पश्चिम जिले में ई-एफआईआर दर्ज की गई।
साइबर थानाध्यक्ष प्रवेश कौशिश व एसआई अमित कुमार की टीम साक्ष्यों की मदद से जयपुर पहुंची, जहां म्यूल अकाउंट धारक सुरेश कुमार यादव और बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले पूरण मल यादव को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि ठगी की गई रकम का एक हिस्सा इंदौर के एटीएम से निकाला गया था। इसके आधार पर अर्शन मोहम्मद और गुफरान कुरैशी को गिरफ्तार किया गया। इन पर नकदी निकालने का आरोप है।
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पुलिस ने बाद में अभिजीत पाटीदार और आर्यन राठौर को भी गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की व्यवस्था कराई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
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