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शाहिद कपूर की फिल्म देखकर अपराधी बना IIT छात्र

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गाजियाबाद की कविनगर पुलिस ने ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो देशभर के बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर ठगता था। इन्होंने दिल्ली के लक्ष्मीनगर में ठगी का ‘कॉल सेंटर’ बना रखा था, जो सालों से चल रहा था। गैंग लीडर आईटीआई छात्र समेत तीन को गिरफ्तार किया है।
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ये 100 से ज्यादा लोगों से लाखों रुपये ठग चुके हैं। पुलिस के पास दिल्ली, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड और कोलकाता के 27 लोगों का डाटा है, जिनसे 3 लाख 90 हजार ठगे हैं। बॉलीवुड फिल्म ‘बदमाश कंपनी’ देखकर इन्होंने ठगी की प्लानिंग की थी। इनसे काफी तादाद में सिम कार्ड, चैक बुक, पास बुक, लैंडलाइन फोन, लैपटॉप, मोबाइल, रिज्यूमे, फर्जी कंपनियों के नोट पैड और मोहरे मिली हैं।

एसपी सिटी अजय पाल ने बताया कि पकड़े गए ठग शशांक उर्फ शैंकी निवासी गोविंदपुरम, सूरज यादव निवासी करोलबाग दिल्ली और रोहित निवासी बिहार हैं। इन्हें गोविंदपुरम से दबोचा गया। शशांक प्राइवेट संस्थान से आईटीआई कर रहा है। सूरज और रोहित 12वीं पास हैं। इनसे फर्जी आईडी पर लिए गए 14 सिम कार्ड, एक लैपटॉप, चार चैक बुक, पांच पास बुक, 11 लैंडलाइन फोन, एक मोबाइल, 14 रिज्यूमे, फर्जी कंपनियों के 50 नोट पैड, तीन मोहरे बरामद की गई हैं। इनकी निशानदेही पर 15 लैपटॉप और मिलने की उम्मीद है।
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आप भी ढूंढते हैं वेबसाइट नौकरी, तो जरा ये पढ़ लें

एसपी सिटी ने बताया कि ठगों ने दिल्ली लक्ष्मीनगर में दो फर्जी कंपनियां (एएस सोल्युशन और कैरियर ओरियेंटिड सोल्युशन) खोलीं। उसी ऑफिस में कॉल सेंटर बनाया। 14 युवक-युवतियों को कॉलिंग के लिए रखा। इसके बाद रोजगार दिलाने वाली वेबसाइट साइन डॉट कॉम पर दोनों कंपनियों की मेल आईडी रजिस्टर्ड कराई। साइन डॉट कॉम पर जो लोग जॉब के लिए रजिस्ट्रेशन कराते थे, उनके कांटेक्ट नंबर लेकर उनसे संपर्क करते थे। नौकरी का झांसा देकर उनसे बैंक अकाउंट में पैसे डलवाते थे। फिर उन्हें टरकाते रहते थे।

बैंक अकाउंट से आए पकड़़ में
सीओ द्वितीय रणविजय सिंह ने बताया कि पकड़े गए ठग पीएनबी की लोहामंडी कविनगर स्थित शाखा में साथी रोहित के अकाउंट में पैसे डलवाते थे। पीएनबी प्रबंधन को संदेह हुआ, क्योंकि उस अकाउंट में अलग-अलग प्रदेशों से रकम आ रही थी। कुछ बेरोजगारों ने भी इसकी शिकायत की थी। जांच में फर्जीवाड़े का संदेह होने पर पीएनबी केकानूनी सलाहकार ने 27 मार्च को कविनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने रोहित को ट्रेस कर आरोपियों को दबोच लिया। रोहित को उसके अकाउंट में आई रकम में से 5 प्रतिशत अमाउंट देते थे।
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प्लेसमेंट एजेंसी में जॉब करने के दौरान बनाई प्लानिंग

एसएचओ अवनीश गौतम ने बताया कि ठग पहले प्लेसमेंट एजेंसी में नौकरी करते थे। ‘बदमाश कंपनी’ फिल्म देखकर उन्होंने प्लेसमेंट एजेंसी में रहते हुए ठगी की प्लानिंग की थी। इस गैंग में दिल्ली का रिषभ नाम का युवक भी है, जो करीब छह माह पहले दिल्ली में पकड़ा जा चुका है।

ऐशोआराम, गर्लफ्रेंड और विदेश जाने की चाहत में बने ठग
एसएचओ ने बताया कि ये गैंग एशोआराम से जिंदगी जीने, गर्लफ्रेंड्स को महंगे गिफ्ट देने और विदेश जाने की चाहत में ठग बन गए। ठगी से अर्जित की गई इनकी संपत्ति की जांच की जा रही है।

बड़ी ठगी के बाद पब में जाकर करते थे सेलीब्रेट
एसएचओ ने बताया कि ये गैंग बड़ी ठगी के बाद पब में जाकर सेलीब्रेट करता था। वहां नशे में चूर होकर पैसे लुटाते थे।
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