करोल बाग के कश्मीरी गेट इलाके में गारमेंट कर्मचारी शंकर दयाल ओझा के साथ 13 लाख की लूट हुई। कर्मचारी का कहना है कि बदमाश पहले उसे एक ऑटो, बाद में कार में डालकर घुमाते रहे और करोल बाग इलाके में फेंककर चले गए। ओझा ने सूचना 10 अक्तूबर को मालिक को दी। अब मालिक तरुण सचदेवा ने 26 दिसंबर को पुलिस को लिखित शिकायत देकर कर्मचारी ओझा पर ही रुपये गबन का शक जताया है। मंगलवार को कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, परिवार के साथ करोल बाग इलाके में रहने वाले तरुण सचदेवा का गारमेंट का माल दूसरे राज्यों में जाता है। उसकी पेमेंट लेने के लिए इनका कर्मचारी शंकर दयाल बस से जाता है। 9 अक्तूबर को शंकर माल पटियाला, चंडीगढ़, पंचकूला, शाहबाद, करनाल और पानीपत गया था।
10 अक्तूबर की शाम करीब 6:20 बजे शंकर ने तरुण को कॉल किया कि वह पेमेंट लेकर पानीपत से निकल रहा है। इसके बाद उसने रात करीब 9:30 बजे मालिक को फोन कर बताया कि कश्मीरी गेट बस अड्डे पर उतरने के बाद उसे तीन युवकों ने एक ऑटो में जबरन बिठा लिया। इसके बाद ईदगाह इलाके में एक महिला कार लेकर आई और जबरन उसे कार में बिठा लिया गया।
इधर-उधर घुमाने के बाद उससे रकम लूट ली गई। आरोपी उसे उसे करोल बाग में चलती कार से फेंक गए। पुलिस को सूचना मिली तो शंकर को गंगाराम अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। तरुण ने बताया कि शंकर ने लूट की जो कहानी सुनाई, उसे उस पर यकीन नहीं आया। पानीपत से 6:20 पर चलकर वह दिल्ली पहुंच भी गया और उसे कार में बिठाकर इतनी देर घुमाने के बाद लूट भी लिया गया। सब कुछ तीन घंटे में हो गया। उन्होंने शंकर पर रुपये गबन करने का आरोप लगाकर शिकायत पुलिस को दी है।