फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, गैंग का सरगना इंजीनियर समेत चार गिरफ्तार

Sun, 12 Mar 2023 07:36 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सेक्टर-7 द्वारका निवासी अमीर जीशम, राहुल सिंह, नरेला निवासी रेखा और नोएडा निवासी शिवम शर्मा के रूप में हुई है। तीन जनवरी को शकूरपुर निवासी मनीष गुप्ता ने उत्तर पश्चिम जिला साइबर सेल में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने की शिकायत की।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर पश्चिम जिला में बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी फर्जी कॉल सेंटर चला ठगी को अंजाम दे रहे थे। साइबर सेल की टीम ने ठगी करने वाले चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। गैंग का सरगना इंजीनियर है। आरोपी पीड़ितों का ऑनलाइन टेस्ट और टेलीफोन पर साक्षात्कार लेते थे और उन्हें नौकरी के फर्जी ऑफर लेटर भी जारी करते थे। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 10 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 7 एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, पासबुक, चेक बुक और दस्तावेज बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी एक साल में ढ़ाई सौ से ज्यादा लोगों से ठगी कर चुके हैं।

विज्ञापन


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सेक्टर-7 द्वारका निवासी अमीर जीशम, राहुल सिंह, नरेला निवासी रेखा और नोएडा निवासी शिवम शर्मा के रूप में हुई है। तीन जनवरी को शकूरपुर निवासी मनीष गुप्ता ने उत्तर पश्चिम जिला साइबर सेल में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने की शिकायत की। उसने बताया कि नौकरी की तलाश करने के दौरान उसने वेब पोर्टल पर नौकरी के लिए आवेदन किया था। कुछ दिनों के बाद उसके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने एचडीएफसी बैंक में अकाउंटेंट की नौकरी की पेशकश की। उसके बाद उससे पंजीकरण शुल्क के रूप में 15 सौ की मांग की गई। इसके बाद आरोपियों ने उसका ऑनलाइन टेस्ट और फोन पर साक्षात्कार किया। फिर ईमेल के जरिए ऑफर लेटर भेजा गया। उसके बाद अलग-अलग मद में उससे 69 हजार रुपये ठग लिए।

निरीक्षक के के झा के नेतृत्व में लाभार्थी के बैंक खातों का विवरण एकत्र किया। एकत्र की गई जानकारी की छानबीन की गई और तकनीकी निगरानी बढ़ा दी गई। छानबीन से पता चला कि आरोपी द्वारका सेक्टर सात में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। पुलिस ने स्थानीय खुफिया जानकारी हासिल कर सेक्टर-7, द्वारका के एक मकान पर छापेमारी कर एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। यहां से पुलिस ने सारा सामान बरामद कर लिया। जांच में पता चला कि आमिर जीशम और राहुल पचास फीसदी हिस्सेदारी पर कॉल-सेंटर चला रहे थे। आरोपी पिछले छह माह से सेंटर चला रहे थे और इसका 15 हजार किराया दे रहे थे। रेखा को 20 हजार रुपये के मासिक वेतन पर टेली-कॉलर के रूप में रखा था। वह कमीशन के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के बैंक खातों और सिम कार्ड की व्यवस्था भी करती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

बैंक खाते पर दस हजार का कमीशन लेता था
जांच के बाद पुलिस ने नोएडा यूपी निवासी शिवम शर्मा को गिरफ्तार किया। शिवम जालसाजों को अपना बैंक खाता प्रदान किया था। जिसमें शिकायतकर्ता से मिले पैसे को जमा किया गया था। शिवम अपने बैंक खाते में प्रत्येक लेनदेन के लिए दस हजार रुपये कमीशन के रूप में लेता था।

महीने में तीन लाख रुपये की ठगी करते थे जालसाज
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि गैंग का मास्टर माइंड आमिर जीशम है। वह कंप्यूटर साइंस में बीटेक इंजीनियर है। उसने बताया कि वह एक कंपनी में काम करता था और वहां उसने विभिन्न जॉब प्रोफाइल के लिए नई भर्तियां करने की तकनीक सीखी। उस कंपनी में उसका वेतन 60 हजार रुपये था, लेकिन वह इससे खुश नहीं था। वह अधिक पैसा कमाना चाहता था। साल 2021 में उसने नौकरी छोड़ दी और राहुल राजावत के साथ मिलकर अपना कॉल-सेंटर शुरू किया। छह महीना पहले वह रमेश नगर कॉल-सेंटर चलाता था। इसके बाद वह सेक्टर सात द्वारका में सेंटर चलाने लगा। पिछले एक साल में बहुराष्ट्रीय कंपनियों में विभिन्न प्रकार की नौकरियों की पेशकश करके करीब ढ़ाई सौ से अधिक लोगों को धोखा दिया। विभिन्न जॉब साइट्स के माध्यम से डेटा एकत्र करता था। फिर ऑनलाइन टेस्ट व फोन पर साक्षात्कार करता था। पीड़ितों से पैसे मिलने के बाद सिम बदल लेता था। उसने बताया कि वह एक महीने में तीन लाख रुपये की ठगी करता था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें