पुलिस के मुताबिक, आरोपी की आर्थिक स्थित खराब नहीं है, लेकिन लॉकडाउन में काम न होने के चलते आरोपी ने फर्जी वेबसाइट तैयार कर गोरखधंधा शुरू कर दिया। उसने जो फर्जी वेबसाइट बनाई है वह हू-ब-हू सरकारी वेबसाइट से मिलती है।
इसके बावजूद बंगलुरू के एक साइबर एक्सपर्ट ने आरोपी की वेबसाइट को पहचान लिया। उसने इसकी पुष्टि के लिए असली वेबसाइट पर चालान चेक किया। इसके बाद उसने लखनऊ के यातायात निदेशक से इसकी शिकायत कर दी। निदेशक के आदेश पर पुलिस ने मामले की गहनता से पड़ताल करते हुए पूरे गोरखधंधे का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
चालान के साथ भेजता था फर्जी वेबसाइट का लिंक
पुलिस के मुताबिक आरोपी चालान के साथ फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजता था। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आरोपी की बनाई गई फर्जी वेबसाइट खुलती थी और उसके मुताबिक भेजा गया चालान दिखाई देता। आरोपी ने एक वाहन चालक से 500 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक वसूल किए।
खाते में मिले 80 लाख, अकाउंट कराया फ्रीज
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने कुल कितने रुपये की ठगी की। इसके लिए उन्होंने उसके बैंक खाते की पड़ताल की। इस दौरान पता चला कि आरोपी के एक खाते में 80 लाख रुपया जमा है। इस खाते को पुलिस ने फ्रीज करा दिया है। आशंका है कि आरोपी ने एक करोड़ से अधिक की ठगी की है।