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फर्जी चालान भेज 10 हजार वाहन चालकों से ठगी, सीए गिरफ्तार

Mon, 22 Jun 2020 06:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा

सार

  • यूपी परिवहन विभाग की फर्जी वेबसाइट बनाकर लॉकडाउन में शुरू किया गोरखधंधा
  • पूर्व में बीमा कंपनी में काम कर चुका है आरोपी
  • बीमा करा चुके लोगों के डाटा से मोबाइल और वाहन नंबर लेकर भेजता था फर्जी चालान  
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गिरफ्तार... - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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साइबर अपराध सेल और नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने यूपी परिवहन विभाग की फर्जी चालान वेबसाइट बनाकर वाहन चालकों से ठगी करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट(सीए)को गिरफ्तार किया है। आरोपी पूर्व में बीमा कंपनी में काम करता था। वह बीमा करवा चुके लोगों के डाटा चोरी कर उनके मोबाइल व वाहन नंबर आदि के डाटा के जरिए चालान भेजकर लाखों  रुपये की ठगी कर चुका है। 

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आरोपी ने लॉकडाउन में गोरखधंधे की शुरुआत की और देश भर के विभिन्न राज्यों के दस हजार से अधिक लोगों से फर्जी चालान के जरिये एक करोड़ से अधिक की ठगी की। पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है।  

डीसीपी ग्रेटर नोएडा राजेश कुमार सिंह ने बताया कि फर्जी चालान वेबसाइट बनाकर लोगों से ठगी करने की शिकायत पर नोएडा सेक्टर-40 निवासी रजत कुच्छल को गिरफ्तार किया । नॉलेज पार्क थाना प्रभारी व साइबर सेल प्रभारी बलजीत सिंह की टीम ने पूछताछ की तो आरोपी ने बताया कि लॉकडाउन में उसने स्वयं गो डैडी पर  echallanparivahan.in के नाम से फर्जी डोमेन बनाया था।  
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फर्जी वेबसाइट पर सरकारी वेबसाइट की नकल कर बीमा करा चुके लोगों का डाटा लेकर उनके मोबाइल पर फर्जी चालान भेज दिए। लोग उसके झांसे में आकर भुगतान करते चले गए। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने लगभग सभी प्रदेशों के लोगों, जिन्होंने पूर्व में बीमा कराया था का डाटा लेकर उन्हें ठगी का शिकार बनाया। पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी ने पूरे गोरखधंधे को स्वयं अंजाम दिया, उसका परिवार का कोई सदस्य या अन्य साथी इसमें लिप्त नहीं था। आरोपी नोएडा में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता है। 

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बंगलुरू के वाहन चालक की शिकायत के बाद हुआ खुलासा 

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की आर्थिक स्थित खराब नहीं है, लेकिन लॉकडाउन में काम न होने के चलते आरोपी ने फर्जी वेबसाइट तैयार कर गोरखधंधा शुरू कर दिया। उसने जो फर्जी वेबसाइट बनाई है वह हू-ब-हू सरकारी वेबसाइट से मिलती है।

इसके बावजूद बंगलुरू के एक साइबर एक्सपर्ट ने आरोपी की वेबसाइट को पहचान लिया। उसने इसकी पुष्टि के लिए असली वेबसाइट पर चालान चेक किया। इसके बाद उसने लखनऊ के यातायात निदेशक से इसकी शिकायत कर दी। निदेशक के आदेश पर पुलिस ने मामले की गहनता से पड़ताल करते हुए पूरे गोरखधंधे का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 

चालान के साथ भेजता था फर्जी वेबसाइट का लिंक 
पुलिस के मुताबिक आरोपी चालान के साथ फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजता था। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आरोपी की बनाई गई फर्जी वेबसाइट खुलती थी और उसके मुताबिक भेजा गया चालान दिखाई देता। आरोपी ने एक वाहन चालक से 500 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक वसूल किए। 

खाते में मिले 80 लाख, अकाउंट कराया फ्रीज
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने कुल कितने रुपये की ठगी की। इसके लिए उन्होंने उसके बैंक खाते की पड़ताल की। इस दौरान पता चला कि आरोपी के एक खाते में 80 लाख रुपया जमा है। इस खाते को पुलिस ने फ्रीज करा दिया है। आशंका है कि आरोपी ने एक करोड़ से अधिक की ठगी की है। 
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