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गोवंश कटान की अफवाह पर चार युवकों को पीटा, सांप्रदायिक सौहार्द्ध बिगड़ने से बचा

Thu, 10 Jan 2019 06:50 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
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पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
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गोवंश कटान की अफवाह पर कुछ संगठनों से जुड़े लोगों ने मृत पशुओं के शवों को ले जा रहे ठेकेदार के चार कर्मचारियों पर हमला कर दिया। लोगों ने चार कर्मचारियों की पिटाई कर दो स्कूटी समेत उनके चार वाहन भी तोड़ डाले। सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन मामला फर्जी निकला। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने एक आरोपी प्रदीप कुमार सेन को नामजद कर 25-30 अज्ञात लोगों के बलवे समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 

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शिब्बनपुरा निवासी महेंद्र कुमार ने नगर निगम से 2016 में मृत पशुओं के शवों के निस्तारण का ठेका लिया था। पांच साल की अवधि का यह ठेका 2021 तक चलेगा। विजयनगर थाना क्षेत्र के सजवान नगर में नगर निगम का कारगस प्लांट (मृत पशुओं के शवों का निस्तारण केंद्र) लगा हुआ है। महेंद्र के साथ उनके भाई उमेश व महेश भी इस काम की देखभाल करते हैं। महेश के मुताबिक बीते 25 साल से वह शहर में यह काम कर रहे हैं। 

महेश के भाई उमेश ने बताया कि बीते सोमवार (7 जनवरी) को उनके कर्मचारी भगवानदास, राजू, ड्राइवर मुर्सलीन व महेश मृत पशुओं के अवशेषों को इकट्ठा कर सजवान नगर के मैदान में ले जा रहे थे। मुर्सलीन और महेश कार में सवार थे और अवशेषों से भरे छोटे मालवाहक वाहन को एक एक ड्राइवर चला रहा था। राजू और भगवानदास अलग-अलग स्कूटी से जा रहे थे। वह मैदान में पहुंचे तो वहां पहले से 25-30 लोग मौजूद थे। उमेश ने बताया कि कुछ संगठन से जुड़े लोगों ने नारे लगाते हुए राजू और भगवानदास पर हमला कर दिया। भीड़ ने गोवंश कटान का आरोप लगाते हुए उनके वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। उन पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। भगवानदास के सिर में चोटें लगी, जबकि अन्य तीन लोगों को भी चोटें आई हैं। भीड़ में शामिल एक युवक ने पुलिस को फोन कर गोवंश कटान की सूचना दी। विजय नगर एसएचओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी भाग गए। 
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उमेश का कहना है कि घटना के बाद से उनके कर्मचारी डरे हुए हैं। उनका कहना है कि  गोवंश कटान की झूठी सूचना पर उनकी पिटाई और वाहनों में तोड़फोड़ कर दी गई। वह शहर से मरे हुए पशुओं को कारगस प्लांट में ले जाकर उनकी खाल अलग कर बेचते हैं और अवशेषों का दफनाकर निस्तारण कर देते हैं। एसपी सिटी श्लोक कुमार का कहना है कि ठेकेदार उमेश की तहरीर पर बहरामपुर निवासी प्रदीप कुमार सेन व अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।

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